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मंदिर में चोरी से पहले माता के पैर छुए फिर उड़ा दिया सोने-चांदी के छत्र

मंदिर में चोरी से पहले माता के पैर छुए फिर उड़ा दिया सोने-चांदी के छत्र

डिजिटल डेस्क जबलपुर। नकाबपोश चोरों ने प्राचीन त्रिपुर सुंदरी माता मंदिर में फिल्मी स्टाइल में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों का स्टाइल देख सभी दंग रह गए। चोरों ने चोरी करने से पहले माता के पैर छुकर आशीर्वाद लिया फिर 6 मिनट में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। चोरों की यह करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके निरीक्षण कर मामले को विवेचना में लिया है।

11वीं शताब्दी का है मंदिर-
भेड़ाघाट मार्ग पर तेवर ग्राम में स्थित 11वीं शताब्दी के प्राचीन त्रिपुर सुंदरी मंदिर में नकाबपोश चोरों ने पहले मंदिर के आसपास के क्षेत्र का रात 1.45 बजे निरीक्षण किया और फिर रात 1.59 बजे मंदिर में चोरी के पूरे साजो सामान के साथ धावा बोला और मात्र 6 मिनट के अंदर चोरी की वारदात को अंजाम देकर रात 2.05 बजे भाग निकले। चोरों की संख्या चार थी और उनके द्वारा देवी के सोने के तीन एवं  चांदी के एक दर्जन छत्र चुरा ले गए। कुल चोरी करीब साढ़े तीन लाख रुपये की बताई जा रही है।

फिल्मी स्टाइल में दिया अंजाम-
बिलकुल फिल्मी अंदाज में चोरी की वारदात को अंजाम देने के दौरान यदि मंदिर का चौकीदार गोपाल नहीं जागता, तो चोर दान पेटी में मौजूद लाखों रुपये भी ले जाने में सफल हो जाते। चोरों के बारे में जानकारी मिली है कि वे रात करीब पौने दो बजे मंदिर के पीछे की तरफ दिखाई दिये। उसके बाद वे पुजारी रमेश दुबे के कमरे के पीछे पुराने ध्वस्त कमरे से होते हुए मंदिर तक पहुंचे। मंदिर के गर्भ गृह तक जब वे पहुंचे तो उनके चेहरे ढके हुए थे और हाथ में ग्लब्स पहले हुए थे। तीन चोर गर्भ गृह में घुसे और एक चोर वहीं बाहर पहरा दे रहा था। एक चोर के पास कटिंग मशीन थी जिसकी मदद से उन्होने गर्भ गृह के दो ताले काटे। चोर उसके बाद गर्भ गृह में भीतर घुस गए और देवी के तीन सोने के तथा एक दर्जन छोटे -बड़े चांदी के छत्र के अलावा सोने का टीका एवं टिकली को चुराने के बाद चौकीदारों का शोरगुल मचने पर अपने साथ लाये चादर में चोरी का सामान बांध कर भाग निकले।

आवाज से खुली नींद-
इधर दूसरी तरफ चौकीदार गोपाल का कहना है कि उसकी नींद मंदिर के गर्भ गृह से आवाज से खुली। बाहर की तरफ दूसरा चौकीदार हल्केराम मौजूद था। उसको साथ लेकर वे पहले सीसीटीवी चैक करने गए तो उन्हे मंदिर में कुछ लोग दिखाई दिये तो उन्होने तुरन्त लाठी ली और वे चिल्लाते हुए भीतर की तरफ भागे। तभी चोरों को पता चल गया कि चौकीदार जाग गए हैं तो वे पीछे की तरफ से ही भाग निकले।

दान पेटी में थे लाखों रुपये-
चोरों ने दानपेटी का ताला तो तोड़ दिया था लेकिन वे उसमें से रकम नहीं ले जा पाये। इस दान पेटी में लाखों रुपये थे। मंदिर समिति सदस्य शिव पटेल के अनुसार मंदिर का सोना व अन्य जेवर नाजरात में रखे जाते हैं जिसके कारण पुराने जेवर बच गए। चौकीदार सो रहे थे रात में ही चोरों की खोजबीन का काम शुरू हो गया था। पुलिस ने सबसे पहले तो चौकीदारों से पूछताछ की कि वे क्यो सो रहे थे जबकि उनकी ड्यूटी पहरा देने की है।

इनका कहना है-
एएसपी ग्रामीण आर एस नरवरिया ने कहा, यदि चौकीदार जाग रहे होते तो चोरी की वारदात नहीं होती। पहचान छुपाने की कोशिश युवकों का हुलिया एवं वारदात का क्रम सीसीटीवी में कैद हो गया और वे चेहरे को जरूर ढके हुए थे लेकिन उसके बाद भी इन चोरों की उम्र का अंदाज लग गया और उनकी उम्र 22से 25वर्ष बताई जा रही है। इन सभी ने अपनी पहचान छुपाने की भरपूर कोशिश की ।

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