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महाराष्ट्र बंद के दौरान हाथ में पत्थर ले जाते हुए बच्चा, झकझोर देगा VIDEO

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 04th, 2018 13:30 IST

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डिजिटल डेस्क, मुम्बई। भारत वर्ष की एकता और भाईचारे पर सवाल उठाने वाली भीमा कोरेगांव हिंसा अब एक अलग ही रूप लेती नजर आ रही है। दलित और मराठा समाज के बीच शुरु हुआ संघर्ष पुणे से मुम्बई और अब गुजरात पहुंच चुका है। धर्म के नाम पर लगाई गई इस आग में रोजाना गाड़ियों और बसों को झोंका जा रहा है।  ये हिंसा किस कदर लोगों की प्रभावित कर रही है इसका अंदाजा शायद दूसरे राज्यों में बैठे लोग न लगा पाएं। भारत को विभिन्न धर्म व जातियों वाला देश है, लेकिन महाराष्ट्र बंद के दौरान सामने आया ये वीडियो समाज के झूठ पर एक प्रहार है। ये वीडियो हमारे समाज का एक आईना है जिसे देखकर लोग खूब निंदा तो कर रहे हैं लेकिन शायद वो नहीं समझ पा रहे हैं कि धर्म के नाम पर छोटे बच्चों के मन में इस तरह की बात आना का भविष्य में क्या अंजाम देखने को मिलेगा।

ये वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब भीमा कोरेगांव हिंसा को लेकर गुस्साए दलित संगठनों ने बुधवार को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान किया था। इस दौरान एक बच्चे के हाथ में पत्थर देखकर एक व्यक्ति ने ये शॉकिंग वीडियो अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस वीडियो में, हाथ में पत्थर लेकर जाता हुआ छोटा बच्चा कह रहा है कि वह 'मराठा लोगों को मारने जा रहा है'।  जिस व्यक्ति ने यह वीडियो शूट किया उसने उस बच्चे से कुछ सवाल भी किए, हालांकि बातचीत मराठी में हुई है लेकिन उसका हिन्दी में अर्थ जानकर आप भी सन्न रह जाएंगे।

व्यक्ति- तुम अपने हाथ में यह पत्थर क्यों लिए हुए हो?
बच्चा- इससे लोगों को मारेंगे।

व्यक्ति- तुम लोगों को क्यों मारना चाहते हो?
बच्चा- क्योंकि हम पर हमला किया गया।

व्यक्ति- किसने हम पर हमला किया?
बच्चा- वे लोग।

व्यक्ति- कौन से लोग?
बच्चा- (कोई बच्चे को बताता है, बोलो मराठा, उसके बाद बच्चे ने जवाब दिया) मराठा लोग।

व्यक्ति- तो अब तुम क्या करने जा रहे हो?
बच्चा- मैं उन्हें मारने जा रहा हूं।

व्यक्ति- तुम अब कहां जा रहे हो?
बच्चा- उन्हें मारने के लिए।

व्यक्ति- तुम पुणे में क्यों आए?
बच्चा- सम्मान देने के लिए।

व्यक्ति- किसको?
बच्चा- डॉ बाबासाहेब अंबेडकर को।

व्यक्ति-अच्छा।
 

क्या है भीमा कोरेगांव विवाद ?

यह महार दलित बनाम मराठाओं की जंग 200 साल पुरानी है। साल 2018 के पहले दिन 1 जनवरी से शुरू हुई इस हिंसा में अब तक लाखों की संपत्ति स्वाहा हो गई है। महाराष्ट्र के बड़े शहरों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद यह हिंसा पूरे महाराष्ट्र में फैल गई। पुणे, अकोला, औरंगाबाद और ठाणे से लेकर मुंबई तक में हालात बेकाबू हो गए। इस हिंसा के खिलाफ बुधवार को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश आंबेडकर के संगठन भारिप बहुजन महासंघ समेत आठ संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया। इसके बाद राज्य सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए। यह मामला संसद में भी उठाया गया. लोकसभा में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ये फूट डालने की कोशिशों का नतीजा है।

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