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रात 12 बजे कॉन्स्टेबल ने की लड़की से छेड़छाड़, कार को मारी टक्कर

BhaskarHindi.com | Last Modified - November 25th, 2017 12:46 IST

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  में गैंगरेप की घटना के बाद सरकार लड़कियों की सुरक्षा के लाख दावे कर रही है, लेकिन हकीकत ये है कि जिस पुलिस के हवाले महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा का जिम्मा है वही पुलिस कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। भोपाल में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय युवती से पुलिस आरक्षक निश्चय तोमर ने छेड़छाड़ की और उसकी कार को टक्कर मारी। पुलिस ने देर रात छेड़छाड़ का मामला तो दर्ज कर लिया था, लेकिन कॉन्स्टेबल के पास कट्टा होने का जिक्र नहीं किया। हालांकि मामला सामने आने पर डीआईजी संतोष कुमार सिंह के दखल के बाद आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आरोपी पुलिसकर्मी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी सवाल खड़े किए हैं।


पुलिस लाइन स्थित अपने घर जा रही थी लड़की

गुरुवार रात 12 बजे भोपाल के पुलिस कॉलोनी जहांगीराबाद की एक 22 वर्षीय लड़की डीबी मॉल से अपने घर जहांगीराबाद पुलिस लाइन जा रही थी। इसी बीच एक आरक्षक निश्चय तोमर ने लड़की की गाड़ी को टक्कर मारी और उससे छेड़छाड़ भी की गई। हैरत की बात कि ये वो इलाका है, जहां पुलिस हेड क्वार्टर और राजभवन स्थित हैं। जहां आरक्षक तोमर ने इस हरकत को अंजाम दिया, वो पुलिस लाइन ही है। यानी पुलिस के पेट्रोलिंग और सुरक्षा के दावों का अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है। इन जगहों पर पुलिस सुरक्षा ज्यादा मुस्तैद रहती है, फिर भी राजधानी की सड़कों पर एक लड़की रात में पुलिस आरक्षक की बदनीयती का शिकार हो गई। 

पहले पुलिस ने FIR में नहीं किया कट्टे का जिक्र

इतना ही नहीं आरक्षक पुलिस कर्मी ने लड़की का पीछा भी किया और पुलिस कॉलोनी में जा घुसा। इसके अलावा पुलिस कॉलोनी के लोगों से मारपीट भी की। इस संबंध में जहांगीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार पहले पुलिस ने आरोपी आरक्षक निश्चय तोमर के पास से बरामद देशी कट्टे की रिपोर्ट नहीं लिखी। हालांकि बाद में डीआईजी संतोष कुमार सिंह के दखल के बाद आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।


ऐसा ही एक मामला पहले भी आ चुका है सामने


राजधानी के पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेंद्र वर्मा के खिलाफ भी जहांगीराबाद थाने में महिला महिला कॉन्स्टेबल से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि एएसपी ने उससे छेड़छाड़ की, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रारंभिक जांच में आरोप की पुष्टि हुई, जिस आधार पर उनके खिलाफ जहांगीराबाद पुलिस ने 354 (ए) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। कॉन्स्टेबल और अफसर की बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। 

इससे पहले भी मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में एक महिला हंगामा कर चुकी है। उसका आरोप है कि इंदौर में पुलिस उपाधीक्षक पर पदस्थ पुलिस अधिकारी बीते 12 सालों से उसका शोषण कर रहा है। उसने महिला से विधिवत शादी भी की है और उसका एक बेटा है। 

क्या वाकई लड़कियों के लिए अनसेफ हो गया है भोपाल ?

भोपाल में लगातार बढ़ रहे छेड़छाड़ और लड़कियों से बदसलूकी के मामलों ने पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हाल ही में जब यूपीएससी की छात्रा से गैंगरेप हुआ तो दावा किया गया कि पुलिस को ज्यादा मुस्तैद और जिम्मेदार बनाया जाएगा। मनचलों पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन एक पुलिस आरक्षक का आधी रात को लड़की के साथ छेड़छाड़ करना साफ बयां करता है कि वो दावे महज दावे थे, जिनका हकीकत से कोई सरोकार नहीं है।
 

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