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कानपुर से बरामद हुआ पुराने नोटों का जखीरा, करीब 100 करोड़ है रकम

September 06th, 2018 16:05 IST

डिजिटल डेस्क, कानपुर। डिमोनेटाइजेशन के लगभग 14 महीनों बाद कानपुर में पुराने नोटों का जखीरा बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि ये रकम 96 करोड़ 65 लाख रुपए की है। नोटों के तीन बढ़े ढेरों को NIA और यूपी पुलिस के साझा ऑपरेशन में इसे बरामद किया गया है। इस मामले में 16 लोगों को पकड़ा गया है। आयकर विभाग इन लोगों से पूछताछ कर रहा है।  गौरतलब है कि पिछले दिनों मेरठ के एक बिल्डर संजीव मित्तल के पास से पुलिस ने 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। इसके बाद एनआईए को जानकारी मिली थी कि यूपी में कानपुर समेत कई जिलों में मनीचेंजर गैंग सक्रिय है।

कई कारोबारियों के हैं नोट

एसएसपी कानपुर अखिलेश कुमार ने आइजी क्राइम ब्रांच की सूचना पर एसपी पूर्वी और एसपी पश्चिम की टीमों ने नयागंज, स्वरूपनगर, गुमटी, जनरलगंज सहित कई अन्य जगहों पर छापेमारी को अंजाम देकर ये कैश बरामद किया। कहा जा रहा है कि कारोबारी आनन्द खत्री से पूछताछ में कुछ अहम जानकारी मिली है। सामने आया है कि कुछ दूसरे कारोबारियों के भी एक्सचेंज के लिए पुराने नोट एकत्रित किए गए थे। इसलिए यह संख्या ज्यादा है। यह नोट किसी एक व्यापारी के नहीं है।  इनमे  6 लोगों के नाम सामने आए हैं- आनंद खत्री (मुख्य अभियुक्त), संतोष यादव, मोहित डिगड़ी, संजय सिंह, कोटेश्वर राव और मनीष अग्रवाल। पूछताछ में पता चला है कि पुराने नोट बदलने वालों का नेटवर्क पूरे देश में फैला था। पकड़े गए लोग शहर बिल्डर, कपड़ा व्यवसायी, हैदराबाद और पूर्वान्चल के मनी एक्सचेन्जर है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह किसी एक आदमी का पैसा नहीं है। बल्कि इसमें हैदराबाद, सहारनपुर, वाराणसी ओडिशा समेत कई राज्यों और शहरों के पैसे थे, जिन्हें यहां पर औने-पौने दामों में निस्तारण के लिए लाया गया था। फिलहाल ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नोटबंदी के 14 माह बीतने के बाद भी पुराने नोट कीस तरह से खपाने की तैयारी की जा रही थी।

इनकम टैक्स के एक रिटायर आधिकारी के मुताबिक ऐसे में बरामद हुई करेंसी का पांच गुना आयकर तो पकड़े गए लोगों से वसूला ही जाएगा साथ ही इन्हें जेल भी भेजा जाएगा। यदि ऐसी स्थिति आती है कि ये लोग जुर्माना नहीं भर पाते तो इसकी वसूली उनकी चल-अचल संपत्ति से की जाएगी।

मेरठ में भी बरामद हुई थी पुरानी करंसी

मेरठ में एक बिल्डर के ऑफिस से पुलिस ने 25 करोड़ रुपए की पुरानी करंसी बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कमिशन पर ये नोट बदलने का सौदा तय हुआ था। एनआईए को जानकारी मिली थी कि कानपुर समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में मनीचेंजर गैंग सक्रिय हैं। जिसके बाद सटीक जानकारी के बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि यह मनी चेंजर कम दामों पर रकम बदलने का काम कर रहे हैं। 

8 नवंबर 2016 को हुई थी नोटबंदी

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि 500 और 1000 के नोट रात 12 बजे से बंद हो जाएंगे यानि 500 और 1000 के नोट महज कागज का टुकड़ा होंगे और उनकी जगह 500 और 2000 के नए नोट जारी किए जाएंगे। लोगों को कहा गया था कि जिसके पास भी 500 और 1000 के नोट हैं वो उन्हें बैंकों में जमा करा दें। इन नोटों को जमा कराने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2016 दी गई थी।

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