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जवानों की शहादत पर बोले बीजेपी सांसद, 'ये तो रोज मरेंगे'

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 02nd, 2018 10:31 IST

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डिजिटल डेस्क, रामपुर। जम्मू-कश्मीर में देश के जवानों देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिया और बीजेपी के नेता को लगता है कि यह तो जवानों का काम है। उत्तर प्रदेश के रामपुर से बीजेपी सांसद नेपाल सिंह ने शर्मनाक बयान सामने आया है। सांसद ने शहादत का अपमान करते हुए कहा कि सेना के जवान हैं तो जान जाएगी ही। नेता जी के ऐसे बयान से देशवासियों में आक्रोश है। उनके इस बयान की चारों ओर निंदा की जा रही है। 


देश का युवा सरहद पर शहीद होता है और वीआइपी कारों और आलीशान घरों में रहने वाले ये नेता शहादत का अपमान करते नजर आते हैं। सांसद नेपाल सिंह को शायद शहादत की कद्र ही नहीं, यही वजह कि वो देश के लिए जान की बाजी लगाने वाले जवानों पर ऐसा बेतुका बयान दे रहे हैं। सांसद नेपाल सिंह को सरहद को गोलियों और गांव के झगड़े में कोई फर्क नज़र नहीं आता है। उन्होंने बड़ी बेशर्मी से कहा कि ‘’ये तो रोज मरेंगे आर्मी में, कोई ऐसा देश है जहां आर्मी का आदमी न मरता हो झगड़े में? गांव में भी झगड़ा होता है, लट्ठबाजी होती है तो एक न एक तो घायल होगा ही।’’ 

उन्होंने आगे खुद कुछ ऐसा सवाल किया, जो हैरान करने वाला था, ‘’अच्छा हमें कोई डिवाइस बताओ, जिससे आदमी न मरे। ऐसी चीज बताओ कि गोली काम न करे, उसे करवा दें।’’ सांसद के ऐसे तर्कहीन बातों के बारे में शायद देश के पीएम मोदी को जानकारी नहीं है कि उनकी पार्टी में ऐसे नेता भी हैं। इस हमले के बाद से पूरे देश भर में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग उठ रही है, लेकिन शायद देश के इस गुस्से से बीजेपी सांसद नेपाल सिंह पूरी तरह से बेखबर हैं।   

सांसद नेपाल सिंह ने अपने बयान पर मांफी मांगते हुए सफाई दी है कि "मैंने सेना के अपमान की बात नहीं कि मुझे दुख है मांफी मांगता हूं पर मैंने ऐसा कुछ कहा नहीं है, मैंने ये बोला था कि वैज्ञानिक लगे हुए हैं, और कोई डिवाइस ढूढ़ रहे हैं कि कोई गोली आए तो लगे नहीं सिपाही का प्रोटेक्शन हो जाए। मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।"

बता दें कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने उरी कैंप जैसे हमले को दोहराने की साजिश रची थी, 30 दिसंबर की आधी रात करीब दो बजे पुलवामा के लेथोपोरा में सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया था, जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे। 

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