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दुनियाभर में बच्चों को मौत के मुंह में धकेलने वाली 'मास्टरमाइंड' गिरफ्त में

September 02nd, 2017 08:03 IST
दुनियाभर में बच्चों को मौत के मुंह में धकेलने वाली 'मास्टरमाइंड' गिरफ्त में

डिजिटल डेस्क, मास्को। रूस में पुलिस ने शुक्रवार को एक लड़की को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय यह लड़की ब्लू व्हेल गेम की एडमिन थी और जानलेवा ब्लू व्हेल चैलेंज गेम के पीछे इसी का हाथ है। वहीं भारत के पुडुचेरी के यूनिवर्सिटी में ब्लू व्हेल गेम के चैलेंज के वजह से स्टूडेंट ने कैंपस के हॉस्टल के पास फांसी लगा ली। 

एडमिन को 3 साल की सजा
रिपोर्ट्स के अनुसार यह लड़की गेम खेलने वालों को धमकियां देती थी कि अगर उसने टास्क पूरा नहीं किया तो वह उसके परिवार का खून कर देगी और यह उन्हीं लोगों को शिकार बनाती थी जो तनाव में होते थे और आत्महत्या करने की सोचते हैं। रूस की पुलिस ने एक फुटेज जारी किया है, जिसमें लड़की ने अपना आरोप माना है। जिसके बाद वहां की कोर्ट ने लड़की को 3 साल की सजा दी है।  

पुडुचेरी में स्टूडेंट की मौत 
शुक्रवार को पुडुचेरी में एक स्टूडेंट ने 'ब्लू व्हेल' गेम के टास्क की वजह से हॉस्टल के पास पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि शशि कुमार बेरा (19) पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में MBA का स्टूडेंट था। पुलिस ने बताया कि इस आत्महत्या के पीछे ब्लू व्हेल गेम होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि पुलिस अभी शशि की ऑनलाइन एक्टिविटीज की जांच कर रही है। शशि को आखिरी बार दूसरे विभागों के सेकेंड इयर के स्टूडेंट्स के साथ देखा गया था। शशि का हॉस्टल एक सुनसान इलाके में था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 31 अगस्त को ही तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले एक 19 साल के लड़के ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।  

भारत में अब तक 7 से ज्यादा बच्चों ने किया सुसाइड

ब्लू व्हेल गेम ने पिछले कुछ महीनों से भारत में भी पैर पसार रखे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गेम की वजह से अब तक 7 से ज्यादा बच्चों की जान चली गई है। ब्लू व्हेल की वजह से सुसाइड करने का पहला मामला मुंबई में सामना आया था, जहां 14 साल के मनप्रीत नाम के लड़के ने सुसाइड कर ली थी। इसके बाद बंगाल में भी एक 10वीं क्लास में पढ़ने वाले अनकन डे और फिर केरल के रहने वाले वाले 11वीं क्लास के लड़के मनोज ने भी इस गेम के कारण सुसाइड कर ली थी। हाल ही में यूपी और तमिलनाडु में भी इस गेम को खेलने के कारण 2 बच्चों ने सुसाइड कर ली। इसके अलावा कई बच्चों ने खुदको इस गेम की वजह से अपने आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनियाभर में अब तक इस गेम को खेलने की वजह से 130 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

22 साल के लड़के ने बनाया था इस गेम को

इस खूनी खेल को रुस के फिलीप बुदेइकिन ने बनाया है जो 22 साल का है। फिलीप साइकोलॉजी का स्टूडेंट था। इस गेम के कारण सुसाइड करने का पहला केस 2015 में सामने आया था। जिसके बाद फिलीप को 3 साल की सजा सुनाई गई थी। एक इंटरव्यू में फिलीप ने इस गेम को बनाने की बात भी कबूली थी। फिलीप को सजा होने के बाद इस गेम की एडमिन 17 साल की लड़की बनी, जो लोगों को सुसाइड के लिए उकसाती थी।

बच्चों को दिए जाते हैं ये टास्क

'ब्लू व्हेल चैलेंज' गेम में एडमिन या क्यूरेटर बच्चों को या प्लेयर को खतरनाक टास्क देते हैं। इसमें गाने सुनने, हॉरर फिल्म देखने, ब्लेड से हाथ पर व्हेल का टैटू बनाने समेत 50 ऐसे खतरनाक टास्ट दिए जाते हैं, जिसमें प्लेयर को नुकसान पहुंचे। इसके बाद बच्चों को सुसाइड करने के लिए उकसाया जाता है। अगर कोई प्लेयर सुसाइड करने के लिए मना करता है तो फिर उसकी सारी इन्फोर्मेशन पब्लिक करने की धमकी दी जाती है और उसे डराया जाता है। 

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