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अनुपम खेर की मां ने बताई 'कश्मीरी पंडितों पर जुल्म की कहानी', देखें VIDEO

January 20th, 2018 09:39 IST

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर अपनी मां का एक वीडियो शेयर करते हुए 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों के एक साथ घर छोड़कर भागने की कड़वी यादें शेयर की हैं। इस वीडियो में अनुपम की मां दुलारी खेर ने कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म की कहानी बयां की है। अनुपम ने इस ट्विट के जरिए बताया है कि वो 19 जनवरी 1990 की काली रात उनकी मां और भाई-भाभी के लिए भयानक थी। अनुपम खेर ने यह वीडियो सोशल मीडिया ट्विटर पर शुक्रवार की सुबह शेयर किया है।

अनपुम खेर ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘मेरी मां वैसे तो बेहद बहादुर, सकारात्मक और खुशमिजाज इंसान हैं, लेकिन 19 जनवरी 1990 को कश्मीर से विस्थापन वाली रात उनके भाई और भाभी के साथ जो कुछ हुआ, उसे याद करके उनकी आंखें भर आती हैं। उन्हें अपने पीछे सब कुछ वैसे ही छोड़कर आना पड़ा। श्रीनगर के रामबाग में बने नए मकान को छोड़ना पड़ा।’

चिट्ठी में लिखा था, 'आज आपकी बारी है'
वीडियो में आंसू भरी आंखों के साथ दुलारी खेर ने उस भयानक दर्दभरी काली रात के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि उस रात अनुपम के नाना खाना खाने ही वाले थे कि एक चिट्ठी आई। उस चिट्ठी में लिखा था कि आज आपकी बारी है और रामबाग इलाके के लोगों को मारा जाएगा। दुलारी के अनुसार, चिट्ठी पढ़ते ही परिवार के सभी लोग बना हुआ खाना और सारा सामान छोड़कर घर पर ताला मारकर निकल गए। दुलारी बेहद भावुक होकर कहती है, ‘उन्होंने तो हमारे साथ बहुत जुल्म किया…।’


बता दें कि अनुपम के इस वीडियो पर काफी टि्वटर यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि सभी सरकारें कश्मीरी पंडितों के दुख को समझने में नाकाम रही हैं।


अनुपम भी बताते रहे हैं कश्मीरी पंडितों का दर्द
अनुपम खेर खुद एक कश्मीरी पंडित हैं। वह कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और उनके खिलाफ घाटी में हुए जुल्मों को लेकर वक्त-वक्त पर अपनी बात बेहद जोरदार ढंग से रखते रहे हैं। पिछले साल जनवरी में विस्थापन के 27 साल होने के मौके पर उन्होंने एक कविता के जरिए अपनी बात रखी थी। अनुपम खेर ने ‘फैलेगा-फैलेगा हमारा मौन’ नाम से कविता शेयर की थी।

इससे पहले, जुलाई 2016 में अनुपम ने हिंसा के शिकार हुए कश्मीरी पंडितों के क्षत-विक्षत शवों की तस्वीरें शेयर करके कुछ तीखे सवाल किए थे। उन्होंने तस्वीरें शेयर कर पूछा था कि आतंकियों के मारे जाने पर चिंता जाहिर करने वाले उदारपंथी कश्मीरी पंडितों के साथ हुई हिंसा पर चुप क्यों हैं?

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