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चरस के साथ पकड़े गए चार आरोपियों को हाईकोर्ट ने किया बरी

चरस के साथ पकड़े गए चार आरोपियों को हाईकोर्ट ने किया बरी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट चरस के साथ पकड़े गए चार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। निचली अदालत ने 5 मार्च 2012 को इन चारों आरोपियों को दस साल  के कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ चारों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। अपील में निचली अदालत के आदेश को खामीपूर्ण व मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड किए जाने का दावा किया गया था। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते ढेरे के सामने मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायमूर्ति ने मामले की जांच में कई अनियमितता पायी। न्यायमूर्ति ने कहा कि आरोपियों के पास से मिली चरस के नमूनों की जांच में अभियोजन पक्ष ने लापरवाही बरती है। नमूनों में कोई नंबर नहीं है। जांच के लिए भेजे गए नमूनों की मात्रा का भी उल्लेख नहीं है। जो बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। न्यायमूर्ति ने सबूतों के अभाव में आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें बरी कर दिया। जिन आरोपियों को बरी किया गया है उनके नाम,मोहम्मद अफजल,बंटी उदानशिवे,जाकिर अब्दुल रहमान व जाकिर चिकना है। 

अभिनेत्री के घर डकैती डालनेवाली आरोपी बरी

उधर ठाणे की एक स्थानीय अदालत ने 2016 में एक टेलीविजन अभिनेत्री के घर पर डकैती करने के मामले में आरोपी चार लोगों को बरी कर दिया ।  जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. बी. बहालकर ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रहा है । इसलिए आरोपियों को बरी किया जाता है। अभियोनज पक्ष के अनुसार  मीरा रोड स्थित हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाली अभिनेत्री लोवी सासन तीन और चार फरवरी 2016 की दरम्यानी रात अपने एक रिश्तेदार के घर पर किसी कार्यक्रम में गयी थीं। उनके पड़ोसियों ने चार फरवरी की सुबह उन्हें फोन कर घर पर लूटपाट की सूचना दी।  घर पहुंचने पर अभिनेत्री ने पाया कि लुटेरे करीब 4.07 लाख रुपये के जेवर और नकदी लेकर चंपत हो गये हैं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि सोसाइटी के वाचमैन ने जब लुटरों को परिसर में घुसने से रोका तब उन्होंने उसकी पिटाई की और पड़ोसियों के घरों पर बाहर से ताला लगा दिया। अभिनेत्री ने बाद में चार लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 395 (डकैती), 397 (जान से मारने और गंभीर चोट पहुंचाने के मकसद से लूटपाट या डकैती) और 458 (जबरन घर में घुसने) के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज करायी। 27 फरवरी 2016 को पुलिस ने अपराध में कथित लिप्तता के लिये संजय कल्याण काले , रमेश कल्याण काले, सुरेश विश्राम काले उर्फ संतोष देवीदास चव्हाण और अशोक राजेंद्र शिंदे उर्फ राजा विश्राम काले 40 को गिरफ्तार किया। अदालत में आरोपियों के वकील ने दलील दी कि मामले में उनके मुवक्किलों की शिनाख्त परेड नहीं की गयी। हाउसिंग सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के चेहरे ढंके हुए नजर आ रहे हैं और उनके पास से लूट का कोई माल भी बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किलों को संदेह का लाभ दिया जाये।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया।      
 

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