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चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

हाईलाइट

  • येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
  • शपथ ग्रहण से पहले येदियुरप्पा ने बेंगलुरु के कडू मल्लेश्वर मंदिर में पूजा भी की
  • येदियुरप्पा कैबिनेट के मंत्री विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद शपथ ग्रहण करेंगे

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बीजेपी के सरकार बनाने का दावा ठोकने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को राजभवन में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने से पहले येदियुरप्पा ने बेंगलुरु के कडू मल्लेश्वर मंदिर में पूजा भी की। विश्वासमत में कुमारस्वामी सरकार के फेल होने के तीन दिन बाद अब बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार बनाई है। येदियुरप्पा कैबिनेट के मंत्री विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद शपथ ग्रहण करेंगे।

कांग्रेस के बागी विधायक रोशन बेग भी बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। जबकि कांग्रेस ने सभी विधायकों को इस समारोह से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए थे। शपथ लेने से पहले बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, हमें प्रशासन में अंतर दिखाना होगा। प्रतिशोध की राजनीति नहीं की जाएगी और मैं विपक्ष को साथ लेकर चलूंगा। उन्होंने कहा कि केंद्र का समर्थन उन्हें राज्य में एक अच्छा प्रशासन देने में मदद करेगा। पिछली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को येदियुरप्पा ने तुगलक दरबार भी बताया।

सरकार के गठन के बारे में जानकारी देते हुए येदियुरप्पा ने कहा, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें सुबह बुलाया और शपथ के लिए तैयार होने के लिए कहा। एक ईमानदार प्रशासन देने का वादा करते हुए, उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका बहुत बड़ी है। किसान, मछुआरे, कुम्हार, बुनकर, आदिवासी और दलित समुदायों को नई सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। येदियुरप्पा ने कहा कि आपके (पार्टी कार्यकर्ताओं) समर्थन के बिना, मैं एरेक्सपेक्टेशंस पर खरा नहीं उतर सकता।

बता दें कि पिछले साल हुए चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, उन्हें मई 2018 में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने आमंत्रित किया था। ये सरकार केवल दो दिनों तक चली थी क्योंकि येदियुरप्पा 224 सदस्यीय सदन में अपना बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इसके बाद कांग्रेस-जेडडीएस ने गठबंधन कर राज्य में सरकार का गठन किया था।
 

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