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पिस्तौल की नोक पर व्यापारी का अपहरण कर दस लाख की फिरौती, आरोपी फरार

पिस्तौल की नोक पर व्यापारी का अपहरण कर दस लाख की फिरौती, आरोपी फरार

डिजिटल डेस्क,नागपुर। पिस्तौल की नोंक पर शराब विक्रेता का अपहरण कर उससे दस लाख रुपए की फिरौती वसूली गई है। घटना के बाद आरोपी साथियों समेत मुंबई भाग गया है।  अंबाझरी थाने में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अपराध शाखा को जांच सौंपी गई है।  मनीष नगर निवासी प्रशांत बजरंग आंबटकर (36) की बुटीबोरी समेत अन्य स्थानों पर शराब की दुकानें हैं। गत कुछ महीनों से कुख्यात बदमाश गिरोह का मुखिया गुलाम नवाज शेखू खान फोन कर प्रशांत को धमका रहा था। हफ्ता वसूली की मांग की जा रही थी। 

शुरुआती दौर में प्रशांत को लगा कि कोई शरारत कर रहा है। बार-बार फोन आने लगा तो उसने हफ्ता देने से मना कर दिया। 26 अगस्त को प्रशांत कहीं जा रहा था, तभी शंकर नगर से रामनगर चौक के बीच में शेखू और उसके साथी सूरज चौधरी, शिवा आदि ने प्रशांत का अपहरण किया। आंखों पर पट्टी बांधकर प्रशांत को वाड़ी, वड़धामना आदि स्थानों पर घुमाते रहे। इस बीच, एक मकान में बंधक बनाकर भी रखा। वहां कनपटी पर पिस्तौल तान दस लाख रुपए की फिरौती की मांग की नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। प्रशांत की पिटाई भी की।

कैमरे में कैद हुए आरोपी

फिरौती की रकम लेते हुए शेखू और गिरोह के अन्य सदस्य प्रशांत के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। जिस कार में अपहरण किया गया था, वह कार भी कैमरे में कैद हुई है। गिरोह के सदस्य घर के बाहर मंडराते हुए भी कैद हुए हैं। पुलिस ने इसके फुटेज जब्त किए हैं। 

रात के 2 बजे ले गए घर

27 तारीख की रात करीब 2 बजकर 3 मिनट पर प्रशांत को उसके निवास स्थान पर ले जाया गया। घर जाने के बाद प्रशांत ने फिरौती की रकम दस लाख रुपए नकद शेखू के हवाले किए। उसके बाद ही प्रशांत को मुक्त किया गया। प्रकरण से प्रशांत काफी डरा-सहमा था। उसकी तबीयत खराब हो गई, जिससे अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल से छुट्टी होने के बाद प्रशांत अपराध शाखा में अपर पुलिस आयुक्त नीलेश भरने और उपायुक्त गजाजन राजमाने से मिला। उन्हें शिकायत की। इसके बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। निरीक्षक अनिल ताकसांडे मामले की जांच कर रहे हैं। 

इसलिए नहीं गया थाने में

घटना के बाद प्रशांत अंबाझरी थाने में इसलिए नहीं गया क्योंकि उसे किसी ने बताया था कि अंबाझरी में कुछ पुलिसकर्मी और अधिकारियों से शेखू की मित्रता है। इस कारण थाने जाने पर इस मामले में कुछ नहीं होना है। वैसे भी शेखू ने उसे धमकी दे रखी थी कि पुलिस में शिकायत करने पर उसे जान से मार देंगे। इस कारण थाने जाने के बजाय प्रशांत ने अपराध शाखा में इसकी शिकायत की। 

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