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मंजूरी : फसल बीमा और कर्ज माफी की शिकायतों के लिए बनेगी समिति, मराठा समाज के 34 उम्मीदवारों को मिला नियुक्ति पत्र

मंजूरी : फसल बीमा और कर्ज माफी की शिकायतों के लिए बनेगी समिति, मराठा समाज के 34 उम्मीदवारों को मिला नियुक्ति पत्र

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार ने किसान कर्ज माफी योजना से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए समिति गठित करने का फैसला किया है। इससे किसान तहसील स्तर की समिति के पास कर्ज माफी को लेकर शिकायतें कर सकेंगे। संबंधित तहसील के सहकारी संस्था के सहायक निबंधक की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। शुक्रवार को सरकार के सहकारिता विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके अनुसार समिति को हर सप्ताह में बैठक लेकर किसानों से मिलने वाली शिकायतों का निवारण करना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि कर्ज माफी योजना के तहत ग्रीन लीस्ट के आधार पर लाभार्थी किसानों के खाते में कर्ज माफी की राशि जमा कराई जाती है फिर भी कई किसानों को कर्ज खातों की अधूरी और गलत जानकारी के कारण उनको लाभ नहीं मिल सका है। कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत सरकार और सहकारिता विभाग के विभिन्न कार्यालयों को मिल रही है। कर्ज माफी योजना का लाभ पाने वाले किसानों को बैंकों से नया फसल कर्ज उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें भी मिली हैं। इस तरह की शिकायतों के निवारण के लिए समिति बनाई जा रही है। सरकार की छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए गठित की जाने वाली समिति में पांच सदस्य होंगे। समिति में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के तहसील प्रतिनिधि, अग्रणी बैंकों के तहसील प्रतिनिधि, तहसील के लेखा परीक्षक को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति के सदस्य सचिव सहकार अधिकारी होंगे। कर्ज माफी योजना शुरू रहने तक समिति कार्यरत रहेगी। इससे पहले कर्ज में डूबे राज्य के किसानों को राहत देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 24 जून 2017 को किसान कर्ज माफी योजना लागू करने का फैसला किया था। 

फसल बीमा योजना से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में समिति बनाने को मंजूरी 

वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित निजी बीमा कंपनियों के खिलाफ मोर्चे निकालने के शिवसेना की घोषणा के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है। सरकार ने फसल बीमा योजना के बारे में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और किसानों से मिलनी वाली शिकायतों के निराकरण के लिए तहसील स्तर पर समिति गठित करने को मंजूरी दी है। तहसील स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति गठित की जाएगी। शुक्रवार को कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसके अनुसार समिति को फसल बीमा के संदर्भ में प्राप्त होने वाली शिकायतों के निपटारे के लिए कार्यवाही करना होगा। तहसील के सभी राष्ट्रीय, निजी और सहकारी बैंकों की शाखाओं के माध्यम से योजना में सहभाग को लेकर देखरेख करना होगा। पंजीयन से संबंधित शिकायतों की जांच करके आवश्यकता के अनुसार विभागीय और जिलास्तरीय समिति के पास सिफारिश करना होगा। फसल बीमा के लिए शिकायत निवारण समिति में तहसीलदार समिति कुल 9 सदस्य होंगे। समिति में जिला परिषद के गट विकास अधिकारी, संबंधित मंडल कृषि अधिकारी, किसान प्रतिनिधि, अग्रणी बैंकों के तहसील प्रतिनिधि, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रतिनिधि, संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, आपले सरकार सेवा केंद्र चालकों के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल किए जाएंगे। जबकि तहसील कृषि अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। सरकार के अनुसार फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर किसानों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही है। शिकायतों के निराकरण के लिए राज्य, विभाग और जिला स्तर पर समिति गठित की जा चुकी है लेकिन स्थानीय स्तर पर समस्या के समाधान के लिए तहसील स्तर पर समिति गठित करने का फैसला किया गया है। इधर, शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फसल बीमा योजना से संबंधित किसानों की शिकायतों को लेकर बीमा कंपनियों के खिलाफ मुंबई में 17 जुलाई को मोर्चा निकालने की घोषणा कर चुके हैं। 

मराठा समाज के 34 उम्मीदवारों को मिला नौकरी का नियुक्ति पत्र

इसके अलावा सरकार के सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग ने मेगाभर्ती के तहत मराठा आरक्षण के अनुसार 34 उम्मीदवारों को नियुक्ति पद दे दिया है। शुक्रवार को सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई। सरकार ने मराठा समाज को सरकारी नौकरियों में 13 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके अनुसार सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के समूह ब वर्ग के कनिष्ठ अभियंता पद पर मराठा आरक्षण के तहत कुल 52 उम्मीदवारों की भर्ती करने का फैसला किया गया है। इसमें 34 पुरुष, 16 महिलाओं और 2 खिलाड़ियों को अवसर प्रदान किया जाएगा। जिसमें से 34 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया है। इसके अनुसार सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग की ओर 31 दिसंबर 2019 तक रिक्त होने वाले संभावित 405 पदों के लिए परीक्षा ली गई थी। इसके अनुसार सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग में कुल 300 पदों को भरने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें से 52 पदों पर मराठा समाज के उम्मीदवारों को लाभ मिला है। 
 

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