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आलीशान कार सस्ते में पाने के चक्कर में चार लाख गंवाए, 4 लोगों पर मामला दर्ज

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 15:45 IST

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आलीशान कार सस्ते में पाने के चक्कर में चार लाख गंवाए, 4 लोगों पर मामला दर्ज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अब ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी के नाम पर ठगों ने व्यापारी को चूना लगा दिया। आलीशान कार सस्ते में दिलाने का झांसा देकर सवा चार लाख रुपए ऐंठ लिए। प्रकरण के उजागर होने पर बुधवार को महिला सहित 4 आरोपियों के खिलाफ लकड़गंज थाने में मामला दर्ज किया गया। 

पीड़ित वर्धमान नगर निवासी व्यापारी हर्ष ओमप्रकाश अग्रवाल (41) है, जबकि आरोपी चेली डुप्लीकेट, शब्बीर सैयद, इरशाद अली, प्रीति और नितीन कुमार नामक व्यक्ति है। 30 अगस्त से 4 सितंबर 2018 के बीच में इन आरोपियों ने खुद को चेन्नई स्थित ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी में सचिव तथा अन्य पदों पर तैनात होने का झांसा देकर हर्ष को अलग-अलग नंबरों से फोन किए। चेली ने खुद को एम्बेसी में सचिव बताया था, प्रीति ने वकील, ऐसे अलग-अलग ओहदों पर बताया था।

बीच चेली ने हर्ष को बताया था कि, एम्बेसी की कुछ आलिशान कारों की बिक्री होने वाली है, जिन कारों के बारे में बताया था, उन कारों की कीमत लाखों में है, मगर पुरानी होने से अब इसे सस्ते में बिक्री के लिए निकालने का झांसा हर्ष को दिया गया। इसके लिए हर्ष से उसका मेल आईडी मांगा गया, ताकि उसे  कार की फोटो व अन्य जानकारी भेजी जा सके। हर्ष को एक बैंक खाता नंबर भी दिया गया, जो शब्बीर का है। इस खाते में कार की कीमत के अनुसार करीब दस प्रतिशत रकम जमा करने को कहा गया।

कार पसंद आने पर हर्ष ने 30 अगस्त को 1 लाख 80 हजार रुपए तथा 4 सितंबर को 2 लाख 20 हजार रुपए। इस प्रकार कुल 4 लाख 20 हजार रुपए खाते में जमा कर दिए, लेकिन रकम जमा करने के बाद भी हर्ष को कार नहीं मिली, बल्कि अन्य कारण बताकर उससे और रकम ऐंठने का प्रयास किया जाता रहा। हर्ष को संदेह होने पर वह खुद ही चेन्नई स्थित ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी में पहुंच गया। पूछताछ में पता चला कि, एम्बेसी में  चेली, प्रीति, शब्बीर, इरशाद, नितीन कुमार नाम से कोई अधिकारी या कर्मचारी ही नहीं है और न ही एम्बेसी की ओर से कारों की बिक्री की जाने वाली है।

इस प्रकरण में अंतरराज्यीय स्तर सक्रिय गिरोह के चंगुल में फंसने से हर्ष को चूना लगा है। बुधवार को ऐसा ही एक और मामला उजागर हुआ था। ऐसे ही किसी गिरोह ने सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी को झांसा देकर उन्हें 68 लाख रुपए की चपत लगाई थी। अब यह ताजा मामला उजागर हुआ है। साइबर सेल की मदद से प्रकरण को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। 
 

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