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कैशलेस इकोनॉमी को झटका, रिकॉर्ड स्तर पर लोगों के हाथ में नगदी

BhaskarHindi.com | Last Modified - June 11th, 2018 08:38 IST

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कैशलेस इकोनॉमी को झटका, रिकॉर्ड स्तर पर लोगों के हाथ में नगदी

News Highlights

  • देश की जनता के हाथ में इस समय नकदी का स्तर अधिकतम पर पहुंच गया है।
  • मई 2018 तक लोगों के पास 18.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की करंसी थी।
  • 9 दिसंबर 2016 को ये आंकड़ा 7.8 लाख करोड़ रुपये था।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की जनता के हाथ में इस समय नकदी का स्तर अधिकतम पर पहुंच गया है, इकोनॉमी को कैशलैस बनाने के रास्ते पर चल रही मोदी सरकार के लिए ये एक झटके की तरह है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में इस समय जनता के हाथ में नकदी का स्तर 18.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। साल 2016 के आखिर में की गई नोटबंदी के समय से इस आंकड़े की तुलना करें तो ये दोगुने से ज्यादा है। नोटबंदी के फैसले के बाद लोगों के हाथ में लगभग 7.8 लाख करोड़ रुपए की ही नकदी थी।

चलन में 19.3 करोड़ से ज्यादा की नकदी
नोटबंदी के बाद चलन में कुल नकदी की बात करे तो ये आंकड़ा लगभग 8.9 लाख करोड़ रुपए था वहीं इस समय चलन में कुल नकदी 19.3 करोड़ रुपए से ज्यादा है। जनता के पास मौजूद नकदी के आंकड़े को चलन में मौजूद कुल नगदी को बैंक के पास मौजूद नकदी से घटाने के बाद निकाला गया है। नोटबंदी की घोषणा से पहले देश में कुल 17 लाख करोड़ रुपए की नकदी थी। बता दें कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नोटबंदी का ऐलान किया था। सरकार ने 500 और 100 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इस फैसले के बाद चलन में मौजूद करंसी में मूल्य के हिसाब से 86 प्रतिशत मुद्राएं अमान्य हो गई थीं। इसके बाद करीब 99 प्रतिशत करंसी बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गई थी। 

RBI रिपोर्ट की मुख्य बातें:

  • मई 2018 तक लोगों के पास 18.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की करंसी थी।
  • 9 दिसंबर 2016 को ये आंकड़ा 7.8 लाख करोड़ रुपये था।
  • नोटबंदी से पहले, लोगों के पास करीब 17 लाख करोड़ रुपये की करंसी थी। 
  • 1 जून 2018 को 19.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की करंसी चलन में थी। 
  • 6 जनवरी 2017 को ये 8.9 लाख करोड़ रुपये थी।
  • नोटबंदी के पहले 5 जनवरी 2016 को कुल 17.9 लाख करोड़ रुपये की करंसी चलन में थी।
  • नोटबंदी के बाद 15.44 लाख करोड़ की करंसी आमान्य हो गई थी।
  • 30 जून 2017 तक लोगों ने इस करंसी में से 15.28 लाख करोड़ रुपए बैंकों में जमा कराए।
  • ये अमान्य हुई करंसी का लगभग 99 प्रतिशत है। 

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