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नोटबंदी का असर, इनकम टैक्स रिटर्न में इस साल अब तक 50% की बढ़ोतरी

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 04th, 2018 19:27 IST

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नोटबंदी का असर, इनकम टैक्स रिटर्न में इस साल अब तक 50% की बढ़ोतरी

News Highlights

  • वित्त वर्ष 2018-19 में अब तक पिछले साल की तुलना में इनकम टैक्स रिटर्न में 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
  • सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) को 6.08 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न मिला है।
  • CBDT चेयरमैन सुशील चंद्रा ने CII इंटरनेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी दी।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018-19 में अब तक पिछले साल की तुलना में इनकम टैक्स रिटर्न में 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) को अब तक 6.08 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न मिला है। CBDT चेयरमैन सुशील चंद्रा ने CII इंटरनेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी दी। सुशील चंद्रा ने टैक्स रिटर्न में हुई बढ़ोतरी की वजह नोटबंदी को बताया है।

सुशील चंद्रा ने कहा 'यह नोटबंदी का असर है। नोटबंदी देश में टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए काफी अच्छी रही है। इस साल हमें अभी तक करीब 6.08 करोड़ आईटीआर मिल चुका है जो पिछले साल की इस तारीख तक मिले आईटीआर से 50 प्रतिशत ज्यादा हैं।' चंद्रा ने ये भी भरोसा जताया कि सरकार 11.5 लाख करोड़ के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के टार्गेट को पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘हमारे ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स में 16.5 प्रतिशत और नेट डायरेक्ट टैक्स में 14.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है।

चंद्रा ने कहा, कॉरपोरेट कर दाताओं की संख्या पिछले साल के सात लाख की तुलना में बढ़कर आठ लाख हो गई है। उन्होंने कहा, पिछले चार सालों में आयकर रिटर्न फाइलर्स की संख्या 65 फीसदी बढ़ी है। यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र बजट अनुमान को पार करने के लिए आश्वस्त था? इस पर चंद्रा ने कहा कि उन्हें चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान को हासिल करने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम बजट अनुमान को हासिल नहीं कर सके।

चंद्रा ने कहा कि भारत अपने एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट प्रोग्राम को और बेहतर बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि CBDT जल्दी ही चार घंटे के अंदर ई-पैन देने की शुरूआत करेगा। चंद्रा ने कहा कि विभाग ने रिटर्न दायर नहीं करने वाले तथा आय से रिटर्न के नहीं मिलने को लेकर लोगों को दो करोड़ एसएमएस भेजे हैं।

बता दें कि एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) मल्टीनेशनल्स और टैक्स अथॉरिटी-इंडिया में सीबीडीटी के बीच एक तरह का एग्रीमेंट होता है जिसमें ट्रांशफर प्राइसिंग मेथडलॉजी तय की जाती है। टैक्स कैलकुलेट करने की मेथडलॉजी का इस्तेमाल टैक्सपेयर के फ्यूचर इंटरनेशनल ट्रांजैक्शंस पर तय समय के लिए होता है।

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