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चारा घोटाला: लालू यादव समेत 15 दोषी, सजा का ऐलान 3 जनवरी को

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 25th, 2018 18:18 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले पर रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। करीब 950 करोड़ रुपए के इस घोटाले में लालू यादव समेत 15 लोगों को दोषी करार दिया गया है, वहीं जगन्नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत और पूर्व पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद समेत 7 लोगों को बरी कर दिया गया है। लालू को कोर्ट से सीधे रांची की बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया है।

लालू ने क्या कहा? 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने फैसले से पहले शुक्रवार शाम को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह गरीब का बेटा हैं और पिछड़ी जाति से हैं, इसलिए उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि उनके साथ न्याय होगा। इसके आगे लालू ने ये भी भरोसा जताया है कि चारा घोटाले में उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी। लालू ने कहा कि 'हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम उनका पूरा सम्मान करते हैं। ये बीजेपी के षड्यंत्रों को पूरा होने नहीं देगा। जैसा 2G में हुआ, अशोक चव्हाण का हुआ, वैसा ही हमारा भी होगा।'

22 आरोपियों की किस्मत का फैसला 
 
रांची में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज शिवपाल सिंह ने चारा घोटाले पर शनिवार को अपना फैसला सुनाया। करीब 20 साल पुराने इस घोटाले में 22 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ. आरके राणा, पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद, पूर्व पीएसी चेयरमैन ध्रुव भगत और कई IAS अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

क्या है चारा घोटाला? 

चारा घोटाला पहली बार साल 1996 में सामने आया, जब बिहार के पशुपालन विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ था। उस वक्त लालू प्रसाद यादव की सरकार थी। ये घोटाला तकरीबन 950 करोड़ रुपए का है। बता दें कि चारा घोटाले में 3 मामले हैं और इन तीनों मामलों में लालू प्रसाद यादव आरोपी हैं। अगर इन तीनों में से किसी एक में भी लालू यादव को कोर्ट ने दोषी ठहराया तो उन्हें तुरंत जेल जाना पड़ सकता है। सीबीआई पहले ही लालू को इस मामले में अपनी जांच में दोषी करार दे चुकी है।

लालू को गंवानी पड़ी थी कुर्सी

चारा घोटाला सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव जब पहली बार जेल गए, तो उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी ती। हालांकि, इसका उनकी पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का सीएम बना दिया था। आखिरी बार लालू प्रसाद यादव अक्टूबर 2013 में इस मामले में जेल गए थे, जब कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा लालू की लोकसभा सदस्यता छीन ली गई और उन पर 11 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया। बताया जा रहा है कि अगर लालू इस बार जेल गए, तो बिहार में उनकी पार्टी में उठापठक हो सकती है। 

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