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PNB मामले में CBI की पहली चार्जशीट, 3 कंपनी और 22 लोगों को बनाया आरोपी

BhaskarHindi.com | Last Modified - May 14th, 2018 21:09 IST

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PNB मामले में CBI की पहली चार्जशीट, 3 कंपनी और 22 लोगों को बनाया आरोपी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुए 12600 करोड़ के फ्रॉड मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार को पहली चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की इस चार्जशीट में 3 कंपनी और 22 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसके भाई निशाल मोदी का नाम इस चार्जशीट में है। इसमें बैंक की पूर्व प्रमुख उषा अनंतसुब्रमण्यन और कुछ अन्य आला अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। उषा फिलहाल इलाहबाद बैंक की सीईओ और एमडी हैं। चार्जशीट में नीरव मोदी की कंपनियों, फायरस्टार इंटरनेशनल, स्टेलर डायमंड, डायमंड्स आर यूएस और सोलार एक्सपोर्ट्स को भी शामिल किया गया है। बता दें कि चार्जशीट को पूरी तरह नीरव मोदी के खिलाफ ही तैयार किया गया है। मेहुल चोकसी के खिलाफ अलग से एक और चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
 

 

CBI चार्जशीट में ये बड़े नाम शामिल
1. उषा अनंतसुब्रमण्यम (इलाहाबाद बैंक की सीईओ)
2. ब्रह्माजी राव (पीएनबी के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स )
3. संजीव शरन (पीएनबी के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स )
4. नेहल अहद (पीएनबी में महाप्रबंधक)
5. गोकुलनाथ शेट्टी (पीएनबी के पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर)
6. मनोज खरात (सिंगल विंडो ऑपरेटर पीएनबी)
7. हेमंत भट्ट (नीरव मोदी की कंपनी का सदस्य)
8. बच्चू तिवारी (पीएनबी के फॉरेक्स डिपार्टमेंट का चीफ मैनेजर)
9. यशवंत जोशी (फॉरेक्स डिपार्टमेंट स्केल-II का मैनजर)
10. विपुल अंबानी (फायरस्टार इंटरनेशनल, फाइनेंस प्रेसिडेंट)
11. प्रफुल्ल सावंत (स्केल-1 ऑफिसर, एक्सपोर्ट सेक्शन)
12. मनीष के बोसमिया ( फायरस्टार इंटरनेशनल के तत्कालीन AGM ऑपरेशंस)
13. मितेन अली पांड्या (फाइनेंस मैनेजर)
14. कविता मनकिकर (नीरव मोदी की तीन कंपनियों की ऑथराइज्ड सिग्नेटरी)
15. अर्जुन पाटिल (सीनियर एक्जिक्यूटिव- फायरस्टार ग्रुप) 

3 अधिकारियों को हटाने के निर्देश
इस चार्जशीट के सामने आने के बाद सरकार ने पीएनबी और इलाहाबाद बैंक के 3 बोर्ड अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव राजीव कुमार ने बताया कि सरकार ने  इलाहाबाद बैंक के बोर्ड से कहा है कि वो अपने सीईओ और एमडी उषा अनंथसुब्रमण्यम के सभी अधिकार वापस ले लें। पीएनबी बोर्ड को भी बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के वी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण के सारे अधिकार खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीएनबी ने इस बारे में अधिकारियों को हटाने का फैसला भी कर लिया है और इलाहाबाद बैंक बोर्ड ने जल्द ही अपनी बैठक बुलाई है।

 



CBI जांच में हिस्सा लेने से इनकार
बता दें कि घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश छोड़कर फरार हो गए हैं। CBI ने नीरव मोदी से उसके आधिकारिक ईमेल के जरिए संपर्क किया था। इस ईमेल में नीरव को जांच में हिस्सा लेने की बात CBI ने कही थी। इस पर नीरव मोदी ने यह कहते हुए जांच में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था कि उसे अपने विदेश में चल रहे व्यापार पर ध्यान देना है। इसके बाद सीबीआई ने मोदी को एक और ईमेल लिखा और अगले हफ्ते तक जांच में हिस्सा लेने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने नीरव मोदी से कहा कि वह जिस भी देश में हैं, वहां के भारतीय दूतावास से तुरंत सम्पर्क करें। इसके अलावा एजेंसी ने मोदी की वापसी के इंतजाम करने की भी पेशकश की थी। इसके बाद भी नीरव मोदी ने CBI को सहयोग नहीं किया।

पहले लिखा था पत्र
वहीं पीएनबी प्रबंधन को 15/16 फरवरी को लिखे एक पत्र में नीरव मोदी ने कहा था कि उसकी कंपनियों पर बैंक का बकाया 5,000 करोड़ रुपये से कम है। पत्र के अनुसार, '' गलत तौर पर बतायी गई बकाया राशि से 'मीडिया में होहल्ला हो गया और इसके चलते जांच एजेंसियों ने उसकी तलाश का काम शुरु कर दिया। पत्र में आगे लिखा गया था कि, ''इससे समूह पर बैंक के बकाया को चुकाने की हमारी क्षमता खतरे में पड़ गई है। उसने कहा, '' 13 फरवरी को की गई मेरी पेशकश के बावजूद बकाया को तत्काल पाने की व्यग्रता में बैंक ने जानकारी 14/15 फरवरी को सार्वजनिक की आपकी इस कार्रवाई ने मेरे ब्रांड और कारोबार को तबाह कर दिया और इससे अब बकाया वसूलने की आपकी क्षमता सीमित हो गई है।

क्या है पीएनबी घोटाला?
देश के बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े फ्रॉड में से एक पंजाब नेशनल बैंक के 12,600 करोड़ रुपये के घोटाले के खुलासे के बाद डायमंड किंग नीरव मोदी और गीतंजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी के खिलाफ सीबीआई की तरफ से शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का पासपोर्ट निलंबित कर दिया है और इनके विदेश के आउटलेट्स पर भी कारोबार न करने का आदेश दिया जा चुका है। 

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