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CBSE ने बोर्ड एग्जाम्स में किए बदलाव, लाई नई मार्किंग स्कीम

March 16th, 2019 19:02 IST
CBSE ने बोर्ड एग्जाम्स में किए बदलाव, लाई नई मार्किंग स्कीम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सीबीएसई ने 2019-20 सेशन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक स्टूडेंट्स की लर्निंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए 10 वीं और 12वीं के लिए नई मार्किंग स्कीम को इंट्रोड्यूस किया है। जिसका फोकस उनकी प्रैक्टिकल नॉलेज और थॉट प्रोसेस को विकसित करना रहेगा। इसके लिए 10वीं क्लास के इंटरनल टेस्ट के मार्क्स को स्टूडेंट्स की साल भर की परफॉर्मेंस के आधार पर डिवाइड कर दिया है। 10 वीं क्लास के 20 मार्क्स पहले 10+5+5 में डिवाइड थे। नए प्रस्ताव के अनुसार 20 मार्क्स में से 10 मार्क्स पेन पेपर टेस्ट और 5 मार्क्स ओरल टेस्ट, कॉनसेप्ट मैप व क्विज के होंगे। इसके साथ ही रेगुलर बेसिस पर क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स पर स्टूडेंट्स के कॉन्सेप्ट को परखा जाएगा। कुल मिलाकर टीचर को स्टूडेंट की माइंड मेपिंग करनी होगी। 5 मार्क्स के पोर्टफोलियो में स्टूडेंट्स को प्रोजेक्ट बनाने होंगे। 

क्यों किया बदलाव
नेशनल एसेसमेंट सर्वे 2017-18 के मुताबिक सीबीएसई 10वीं स्टूडेंट्स की मैथमेटिक्स, साइंस, सोशल साइंस, इंग्लिश और मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज में क्रमश: 52, 51, 53, 58 और 62 परसेंट परफॉर्मेंस रही है। वहीं एमएचआरडी ने 2021 में पीसा यानी प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट एसेसमेंट में शामिल होने का फैसला लिया है। इसके लिए सीबीएसई स्कूलों में लर्निंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ये बदलाव जरूरी हैं। साथ ही बोर्ड के मौजूदा एसेसमेंट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बदलना भी महत्वपूर्ण है। अप्रैल से शुरू होने वाले नये एकेडमिक सेशन से इंटरनल एसेसमेंट और बोर्ड एग्जामिनेशन में होने वाले बदलाव के लिए सीबीएसई ने स्कूल्स को निर्देश दे दिए हैं।

क्लास वर्क में होगा पीयर और सेल्फ एनालिसिस 
9वीं और 10वीं में 20 मार्क्स के इंटर्नल एसेसमेंट के लिए पीरियोडिक टेस्ट पहले 10 मार्क्स का होता था, जिसे प्रस्तावित बदलाव में 5-5 मार्क्स के पीरियोडिक टेस्ट और मल्टीपल एसेसमेंट में तब्दील किया गया है। मल्टीपल एसेसमेंट में क्विज, ओरल टेस्ट ,एक्जिट कार्ड्स जैसे टूल्स का इस्तेमाल होगा। वहीं नोटबुक में किए क्लास वर्क के लिए पहले 5 मार्क्स तय थे। इसकी जगह क्लास वर्क के साथ पीयर एसेसमेंट और सेल्फ एसेसमेंट भी होगा। वहीं बोर्ड में 20 मार्क्स के ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन जैसे मल्टीपल चॉइस को शामिल किया गया है। इस सेशन में हो रहे ज्यादातर पेपर में इसे लागू कर दिया गया है। इसके अलावा सब्जेक्टिव क्वेश्चन की संख्या को घटा दिया गया है। 

हर सब्जेक्ट में 20 मार्क्स का प्रोजेक्ट वर्क जरूरी 
11वीं और 12वीं के लिए प्रोजेक्ट वर्क को जरूरी कर दिया गया है। पहले मैथ्स, लैंग्वेज, पॉलिटिकल साइंस और लीगल स्टडीज में इंटरनल असेसमेंट/प्रेक्टिकल और बोर्ड या फाइनल एग्जाम में मार्क्स का रेशो 0:100 था। वहीं कॉमर्स/ह्यूमैनिटीज में यह 20:80, साइंस में 30:70 और फाइन आर्ट्स आदि सब्जेक्ट्स में 70:30 था। इस सेशन में सभी सब्जेक्ट्स में कम से कम 20 मार्क्स का इंटरनल असेसमेंट, प्रेक्टिकल या प्रोजेक्ट वर्क अनिवार्य होगा। 12वीं के बोर्ड एग्जाम में कम से कम 25 फीसदी मार्क्स के सवाल ऑब्जेक्टिव होंगे और मैक्सिमम 75 परसेंट मार्क्स के सब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। 
 

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