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चांडाल योग बना, सभी 12 राशियां इससे अगले 5 माह रहेंगी प्रभावित

चांडाल योग बना, सभी 12 राशियां इससे अगले 5 माह रहेंगी प्रभावित

डिजिटल डेस्क। देवगुरु बृहस्पति (गुरु) 5 साल बाद अपने घर यानी धनु राशि में लौट चुके हैं। शनि और केतु ग्रह पहले ही यहां विद्यमान हैं। इस युति के चलते चांडाल योग भी बन गया है। अगले 5 माह तक सभी 12 राशियां इससे प्रभावित रहेंगी। 3 ग्रहों पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा, जबकि बाकी 9 राशियों पर मिलाजुला असर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषियों का कहना है कि यह योग लोगों के व्यक्तिगत जीवन से लेकर देश-दुनिया के संबंधों को प्रभावित करने वाला है। 

मंगलवार रात 2.47 बजे बृहस्पति ने अपने खुद के घर यानी धनु राशि में प्रवेश किया। बृहस्पति के इस भाव को महत्वपूर्ण इसीलिए माना जा रहा है, क्योंकि नवग्रहों में यह सबसे बड़े है। 11 अक्टूबर 2018 से अब तक बृहस्पति वृश्चिक राशि में थे। वहीं, अब 21 मार्च 2020 तक गुरु धनु राशि में रहेंगे। 

ज्योतिषियों के मुताबिक बृहस्पति हर 5 माह में अपनी राशि बदलते हैं। इधर, गुरु के धनु राशि में प्रवेश करते ही गोचर में गुरु चांडाल योग भी शुरू हो गया है जो सभी राशियों पर प्रभाव डालेगा। महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि गुरु चंद्रमा के श्रवण नक्षत्र में होते हुए यह परिवर्तन कर रहा है, जो पद और प्रतिष्ठा से संबंधित योगों का निर्माण करता है। ऐसे में बहुत से सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। यह समय भारत के साथ-साथ पूरे विश्व परिदृश्य पर सत्ता से संबंधित सकारात्मक  व नकारात्मक प्रभावों को दिखाएगा। 

हर किसी के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं गुरु 
ज्योतिषियों का कहना है कि गुरु सभी कल्याण कार्यों के आदिदेव हैं। उन्हें विवाह, पद-प्रतिष्ठा, आयु और धर्म का कारक ग्रह माना गया है। वे साक्षात विष्णु स्वरूप भी माने जाते हैं। ऐसे जातक जिनकी कुंडली में गुरु नीच का होकर मकर राशि में है या राहु युक्त होर गुरु चांडाल योग बना रहा है या सिंह राशि में पड़कर यदि गुरु मलीन हो गया है तो वे इन 5 माह के दौरान प्रत्येक गुरुवार विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं। ऐसा करने से लाभ होगा।

मकर-वृश्चिक राशि पर सबसे ज्यादा प्रभाव 
ज्योतिषियों का मत है कि धनु राशि में पहले से ही शनि व केतु विराजमान हैं। इस राशि में इन 3 ग्रहों की युति रहेगी। इस कारण ये अधिक सक्रिय रहेंगे, परंतु मकर व वृश्चिक राशि के लोगों पर इसका सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा। गुरु का संबंध शिक्षा, धर्म व अध्यात्म से है। इन क्षेत्रों में कई रुके काम पूरे होंगे। चूंकि इसी समय विवाह के योग भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में विशेष रूप से धनु, मिथुन, मेष, सिंह राशि के जातकों को विवाह करते समय अपनी कुंडली का अच्छे से विश्लेषण करवाना चाहिए। 

राशियों पर ये असर
मेष: तरक्की। संतान सुख। पद-प्रतिष्ठा का ध्यान रखें। 
वृषभ: शेयर मार्केट में निवेश न करें। मनोवांछित सफलता। 
मिथुन: पार्टनरशिप के बेहतर अवसर। वाणी में मिठास बनाएं। 
कर्क: स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। शत्रुओं से बचें। 
सिंह: धन लाभ। धार्मिक कार्य करेंगे।
कन्या: विश्वासघात से बचें। संयम-धैर्य रखें। 
तुला: यात्राएं करेंगे। निवास स्थान में परिवर्तन।
वृश्चिक: धन प्राप्ति। मांगलिक कार्य होंगे। 
धनु: पढ़ाई के लिए अच्छा। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मकर: यात्राएं सुखद होंगी। प्रॉपर्टी खरीदेंगे। 
कुंभ: भाग्य साथ देगा। धन लाभ। तबियत का ख्याल रखें
मीन: लेन-देन में सावधानी बरतेंं। रिश्तेदार सहयोग करेंगे।

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