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चीन में एक शॉपिंग मॉल में 5 में साल की बच्चियों ने की बिकिनी में कैटवॉक, देखते रह गए लोग

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 31st, 2018 09:00 IST

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डिजिटल डेस्क, फैशन। अकसर आपने अपने घरों में बच्चियों को मेकअप करते देखा होगा या फिर किसी स्कूल में अपनी बच्ची को कॉम्पटीशन में रैम्प वॉक करते देखा होगा। छोटे-छोटे बच्चों को स्टेज पर देखना किसे अच्छा नहीं लगता है, लेकिन जब आपके इन्हीं बच्चों को बड़ी मॉडल्स की तर्ज पर किसी फैशन शो में छोटे-छोटे कपड़ों में चलाया जाए तो शायद आपको उतना पसंद न आए। हालांकि यह मामला भारत देश का नहीं है। बता दें कि चीन में विक्टोरिया सीक्रेट स्टाइल शो की तर्ज पर एक फैशन शो होता है। जिसमें चाइल्ड मॉडल्स रैम्प पर कैटवॉक करती दिखाई देती हैं। शो में जैसे ही ये बच्चियां फैंसी बिकिनी ड्रेस पहनकर रैम्प पर आती हैं, हर कोई बस इन्हें देखता ही रह जाता है। 


चीन के सिचुआन प्रांत में एक शॉपिंग मॉल में आयोजित फैशन शो के दौरान बच्चे विक्टोरिया के सीक्रेट-स्टाइल शैली में चलते हैं। छोटी-छोटी बच्चियों ने इस शो में बिकिनी में कैटवॉक किया, जिसे लेकर सोशल मीडिया में काफी आलोचना की जा रही है। ये छोटी-छोटी बच्चियां पूरे मेक-अप में नजर आ रही थीं। कई बच्चियां परियों के वेश में भी नजर आईं। इस तरह के फैशन शो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना की जा रही है। लोगों का कहना है कि वे अपने बच्चों को धूल में सना हुआ देखना पसंद करेंगे, लेकिन इस तरह नहीं। ऐसी एक्टिविटिज से जानबूझकर बच्चियों की सेक्सुअलिटी दिखाने की कोशिश की गई है।

हालांकि चीन में जिन बच्चियों ने इस फैशन शो में भाग लिया है, उनके माता-पिता ने इस बात के लिए मंजूरी दी होगी तभी ऐसे शो का आयोजन किया गया। इस फैशन शो को लेकर अपोलो की डॉक्टर एकता सोनी के विचार हैं कि इस तरह की एक्टिविटी में बच्चियों को शामिल करने से उन्हें जल्दी ही आकर्षक दिखने और वजन को लेकर चिंता होने लगेगी। ऐसे शो से बाल शोषण की घटनाएं बढ़ने की भी संभावना होती है।


एकता सोनी के अनुसार, भले ही यह शो चीन में हुआ है, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में कोई भी चीज फैलते देर नहीं लगती है, दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां यौन शोषण की घटनाए अधिक होती हैं, वहां इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

वहीं फिजियोलॉजिस्ट डॉक्टर रचना सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि इस तरह की एक्टिविटी से बच्चियों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। ऑडियंस में बैठे लोग इन छोटी बच्चियों को देखकर उन्हें एक सेक्सुअल ऑब्जेक्ट समझ सकते हैं।   
 

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