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QR कोड के जरिए उइगर मुसलमानों पर नजर रख रहा चीन : रिपोर्ट

September 14th, 2018 00:44 IST
QR कोड के जरिए उइगर मुसलमानों पर नजर रख रहा चीन : रिपोर्ट

हाईलाइट

  • इस्लाम को मानने वाले उइगर समुदाय के लोग एक बार फिर खबरों में है।
  • चीन इनके घर के बाहर क्यूआर कोड सिस्टम इन्सटॉल कर रहा है।
  • ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) नाम के संगठन की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है।

डिजिटल डेस्क, लंदन। इस्लाम को मानने वाले उइगर समुदाय के लोग एक बार फिर खबरों में है क्योंकि चीन इनपर कड़ी नजर रख रहा है। इसके लिए इनके घर के बाहर क्यूआर कोड सिस्टम इन्सटॉल किया जा रहा है। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) नाम के संगठन की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। बता दें कि इससे पहले चीन कई तरह की पाबंदिया इन पर लगा चुका है, जिसका कई मानवाधिकार संगठन कड़ी आलोचना कर चुके हैं।

HRW की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने उइगर मुसलमानों के घर के बाहर क्यूआर कोड सिस्टम इसलिए लगाया है ताकि वह उन घरों में रहने वाले लोगों की तुरंत पहचान कर सके। अब कोई भी अधिकारी इन घरों में घुसने से पहले घर में लगे डिवाइस को मोबाइल से स्कैन करते हैं। HRW की चीन की डायरेक्टर सोफी रिचर्डसन ने इसे मानव अधिकारों पर हमला बताया है। डायरेक्टर ने कहा कि इसे कई दशकों से अनदेखा किया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद चीन की तरफ से सफाई में कहा गया है कि डिवाइस की मदद से जनगणना नियंत्रण और घर-घर दी जानेवाली सर्विस में मदद मिलती है।

रिपोर्ट में एक उइगर मुसलमान के बयान का भी जिक्र किया गया है, जो अब शिनजियांग प्रांत को छोड़कर जा चुका है। इसमें कहा गया है कि यह 2017 में शुरू हुआ था। चीनी प्रशासन हर वक्त उनपर निगरानी रखता है। अधिकारी कभी भी घर में घुस आते हैं। वह पूछते हैं कि घर में कितने लोग रहते हैं। वह घर पर आनेवाले मेहमान से भी पूछताछ करते हैं कि वह वहां क्यों आए हैं? कुछ अन्य लोग बताते हैं कि पासपोर्ट या आईडी कार्ड का आवेदन देने पर सरकार डीएनए, आवाज के नमूने भी लेती है।

बता दें कि उइगर समुदाय के लोग चीन के सबसे बड़े और पश्चिमी क्षेत्र शिंजियांग प्रांत में रहते हैं। इस प्रांत की सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों के साथ मिलती है। तुर्क मूल के उइगर मुसलमानों की इस क्षेत्र में आबादी एक करोड़ से ऊपर है। इस क्षेत्र में उनकी आबादी बहुसंख्यक थी, लेकिन जब से इस क्षेत्र में चीनी समुदाय हान की संख्या बढ़ी है और सेना की तैनाती हुई है तब से यह स्थिति बदल गई है।

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