comScore

कर्ज माफी से CM का इंकार, शिवराज के सामने किसानों ने शुरू किया उपवास

July 27th, 2017 16:26 IST
कर्ज माफी से CM का इंकार, शिवराज के सामने किसानों ने शुरू किया उपवास

टीम डिजिटल, भोपाल.  एक ओर सीएम शिवराज सिंह कह रहे हैं कि मृत किसानों के परिजन उनसे मिले और उपवास खोलने के लिए कहा, वहीं दूसरी ओर कर्ज माफी नहीं मिलने पर किसानों ने भी उसी पंडाल में उपवास शुरु कर दिया. इसी कड़ी में 15 जून को जंतर-मंतर में राष्टव्यापी आंदोलन किया जाएगा. 

आम किसान यूनियन के केदार सिरोही ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने कर्ज माफी की मांग मानने से इनकार कर दिया है, लिहाजा मैंने और अन्य किसानों ने उसी पंडाल में उपवास शुरू कर दिया है.' उल्लेखनीय है कि दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास बैठे मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था.

मध्य प्रदेश में हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान कुछ जिलों में हिंसा और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है. उधर, किसान नेता शिवकुमार ने शनिवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मप्र सरकार को हत्यारी सरकार बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के दमन पर उतारू है. हम तो शांतिपूर्ण आंदोलन करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने मंदसौर में किसानों पर गोलियां चलवाकर ठीक नहीं किया.

उपवास तोड़ने के लिए कहा: सीएम
सीएम शिवराज सिंह भेल के दशहरा मैदान में उपवास पर शनिवार को बैठे थे. इस दौरान सीएम ने कहा कि मृत किसानों के परिजन मेरे पास आए और उपवास तोड़ने के लिए कहा. उन्होंने कहा, दोषियों को सजा दें और हमारे साथ न्याय करें. कांग्रेस ने सीएम के उपवास को सियासी नाटक बताया. 

शिवराज ने कहा, सोते वक्त भी किसानों के बारे में ही सोचता रहा. किसान ख्वाबों में भी थे और हकीकत में भी.मैंने हमेशा किसानों की परेशानियां दूर करने की कोशिश की है. वे हमारे लोग हैं. उनकी समस्याएं भी हमारी हैं. मैं हमेशा यही सोचता हूं कि कैसे उत्पादकता बढ़ाई जाए. कल प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिजन मुझसे मिले. मुझसे उपवास तोड़ने के लिए कहा. मैं भावुक हो गया. प्रदर्शन में हमारे बच्चे गए हैं.

किसानों के मुद्दे पर राजनीति
एमपी के सीएम शिवराज सिंह ने आज यहां कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मुद्दों पर किसान आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें सुलझाने के लिए आर्डिनेंस लाया जाएगा. किसानों से शांति की अपील को लेकर बेमियादी अनशन पर बैठे शिवराज ने कहा, ‘बीते साढ़े 11 साल में मेरी हर सांस प्रदेश की जनता के लिये चली है. किसानों के बिना प्रदेश विकास नहीं कर सकता, किसानों की मर्जी के खिलाफ उनसे उनकी जमीन नहीं ली जाएगी’. इसके साथ ही सीएम ने बीते साढ़े ग्यारह सालों में किसानों के हित में किए गए फैसलों की दुहाई दी और भावात्मक रुप से किसानों से जुड़े वादे औऱ इरादों का जिक्र किया.

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसान के हित में हरसंभव कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही समाधान योजना लाएंगे, जिसके तहत किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अब किसानों को पैसा चैक के माध्यम से नहीं बल्कि RTGS से ट्रांसफर किया जाएगा.

कहां बैठेंगे किसान
शिवराज सिंह चौहान के उपवास के लिए आलीशान पंडाल हाउस का निर्माण नगर निगम भोपाल के द्वारा किया गया उक्त पंडाल में के पीछे अलग-अलग केबिन बनाए गए एक केबिन में ऑफिस और एक केबिन आराम के लिए नए-नए गद्दे और पलंग रखे गए काफी मात्रा में नए-नए बड़े कूलरों की भी व्यवस्था की गई अंडाल के सामने 400 कुर्सियां भी लगाएंगे सवाल यह है उन 400 कुर्सियों में शिवराज सिंह के मंत्री पार्टी के नेता पूरा मंत्रिमंडल मंत्रालय के अधिकारी बैठेंगे को किसानों के लिए जगह कहां बची.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अभी पंडाल 60 गुणा 200 वर्गफीट का बनाया गया है सुरक्षा की दृष्टि से MP इंटेलिजेंस ने प्रदेश पुलिस को अलर्ट कर दिया है. आईजी एसपी और वरिष्ठ अधिकारी मैदान में तैनात रहे. किसी प्रकार की तनाव की स्थिति न बने इसका ध्यान दिया जाएगा. जिसके लिए दंगा रोधी उपकरणों के साथ पुलिस फोर्स लैस था. 

मंत्री के बिगड़े बोल
शिवराज किसानों को मनाने में लगे हुए है दूसरी तरफ शिवराज सरकार के मंत्री किसानों के ऊपर बयानबाजी कर रहे है. कृषिमंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा है की मध्य प्रदेश में किसानो की कर्ज माफ़ी का कोई स्थान नहीं है. किसानों का कर्ज माफ नहीं किया जाएगा. मंत्री के इस बयान के बाद से राजनीति और गर्मा गई है. हालाकि कुछ घंटों बाद बिसने अपने बयान से पलटते हुए नजर आए. और उन्होंने कहा की किसानों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा.

किसान यूनियन ने खोला मोर्चा
सरकार के खिलाफ प्रदेश में किसान यूनियनों ने भी चक्काजाम का ऐलान कर दिया है. कई संगठन किसानों के समर्थन में उतर आए है, जो कहीं ना कहीं सीएम शिवराज की मुश्किलेें बढ़ा सकते है. इसके साथ ही किसान संगठनों ने भी अनशन का जवाब जेल भरो आंदोलन से देने का फैसला लिया है. इसको देखते हुए राज्य में रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां भेजी गई हैं.

विपक्ष ने उपवास को बताया नौटंकी 
इस पूरे घटना क्रम पर विपक्ष भी अपनी नजर जमाए हुए है, और लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने शिवराज के इस उपवास को नौटंकी बताया है और कहा है कि इतने दिनों तक सरकार क्या कर रही थी, किसानों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा था. सीएम इस तरह की नौटंकी बंद करें. उन्हें किसानों के बीच जाना चाहिये ताकि उनका दर्द समझ सकें.

उपवास के पहले किया ट्वीट
सीएम ने उपवास से पहले ट्वीट कर कहा कि - 'मेरे किसान भाइयों, बापू के देश में हिंसा की आवश्‍यकता नहीं है. हम-आप शांतिपूर्ण ढंग से हर समस्‍या का समाधान ढूंढ़ लेंगे..'. मेरा यह उपवास किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का प्रतीक है. यह उपवास हिंसा के विरुद्ध है, हिंसा से कोई सृजन नहीं होता है.

गौरतलब है कि एमपी और महाराष्ट्र में 1 जून से किसान आंदोलन चल रहा है. मंदसौर में 6 किसानों की पुलिस फायरिंग में हुई मौत के बाद यह आंदोलन एमपी में और उग्र हो गया. मंदसौर से शुरू हुए हिंसक आंदोलन की खबरें धीरे-धीरे पूरे एमपी में फैल गयी. पिछले 3 दिनों से राज्य के कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना हुई है. पुलिस से भी झड़प की खबरें हैं. उधर महाराष्ट्र में भी किसानों ने फड़णवीस सरकार को दो दिनों में मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दे दिया है. मांगें पूरी नहीं  होने पर किसानों ने सोमवार से आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है .

चौथी बार उपवास पर बैठे हैं शिवराज
पहली बार : 14 फरवरी 2011
स्थान: भेल दशहरा मैदान
मांग : पाला प्रभावित किसानों के समर्थन और अतिरिक्त वित्तीय पैकेज की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ उपवास पर बैठे और चंद मिनटों में उपवास वापस ले लिया.


दूसरी बार : 15 जून 2012
स्थान : बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान
मांग : उर्वरकों की कीमत में बढ़ोत्तरी पर केंद्र सरकार के खिलाफ उपवास पर बैठे. भाजपा के पदाधिकारियों ने जिलों में उपवास किया.

तीसरी बार - 6 मार्च 2014
स्थान: रोशनपुरा चैराहा
मांग : केंद्र सरकार से ओलावृष्टि को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और प्रदेश को 5000 करोड़ का राहत पैकेज देने की मांग को लेकर उपवास किया. कैबिनेट के अन्य मंत्री भी उनके साथ उपवास पर बैठे.

सरकार का दावा 

  • सरकार ने गेहूँ, धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा है.
  • प्याज 8 रूपये प्रति किलो के मूल्य पर खरीदा जा रहा है.
  • तुअर 5050 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी जायेगी.
  • ग्रीष्म मूंग को 10 जून से 5225 रूपये प्रति क्विंटल के दर पर खरीदा जायेगा.
  • उड़द भी 10 जून से समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेगी.
  • भुगतान चेक से नहीं आरटीजीएस से किया जा रहा है.
  • रबी और खरीफ फसलों के लिये अलग-अलग कर्ज देने की व्यवस्था को बदलने का फैसला कर दिया है.
  • किसान एक साथ दोनों फसलों के लिये कर्ज ले सकते हैं.
    भविष्य में ऐसी स्थितियाँ निर्मित नहीं हों इसके लिये 1000 करोड़ का स्थिरीकरण कोष का गठन किया जायेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम मिले.
    फसलों की उत्पादन लागत का निर्धारण अखिल भारतीय स्तर पर किया जाता है. इसे राज्य आधारित करने के लिये प्रदेश में कृषि लागत एवं विपणन आयोग का गठन किया जायेगा. इससे किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जा सकेगा.
  • खाद,बीज के लिये 100 रूपये के कर्ज की वापिसी 90 रूपये करने की व्यवस्था है. इस नेट में जो किसान छूट गये हैं उन्हें नेट में लाने के लिये सरकार 'समाधान योजना''लागू करेगी.
    पिछले साढ़े 11 साल में सीएम के नाते प्रदेश की जनता का विकास और किसानों का कल्याण फोकस में रहा है.
  • किसानों के कल्याण के लिये अभूतपूर्व कदम उठाये गये हैं.
    मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की हर समस्या के समय सरकार उनके साथ रही है.
    जब भी किसानों पर संकट आया, मुख्यमंत्री किसानों के बीच पहुँचे और उनके कल्याण के लिये कार्य किये.
  • मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण के लिये, जो कहीं भी-कभी भी नहीं हुआ है, वह हुआ है.
    सोयाबीन की फसल जब खराब हुई थी तब 4 हजार 400 करोड़ रूपये की राहत और 4 हजार 800 करोड़ रूपये की बीमा राशि का भुगतान किसानों को किया गया था.
    चौहान ने कहा कि सरकार ने सिंचाई, बिजली की व्यवस्था, पहले जीरो प्रतिशत और बाद में दस प्रतिशत ऋणात्मक कर्ज पर किसानों को कर्ज देने आदि के कार्य किये हैं.
कमेंट करें
Survey
आज के मैच
IPL | Match 36 | 20 April 2019 | 04:00 PM
RR
v
MI
Sawai Mansingh Stadium, Jaipur
IPL | Match 37 | 20 April 2019 | 08:00 PM
DC
v
KXIP
Feroz Shah Kotla Ground, Delhi