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मतदान के 48 घंटे पहले सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन बंद, अवैध निर्माण रोकने नागपुर एमआरएसएसी करेगी मुंबई मनपा की मदद

March 15th, 2019 22:45 IST
मतदान के 48 घंटे पहले सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन बंद, अवैध निर्माण रोकने नागपुर एमआरएसएसी करेगी मुंबई मनपा की मदद

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मतदान के 48 घंटे पहले सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग राजी हो गया है। शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रदीप राजगोपाल ने कहा कि आयोग सोशल मीडिया पर नकेल कसने के लिए नियमावली तैयार कर निर्देश जारी करेगा। यह निर्देश फेसबुक, यू ट्यूब व ट्विटर की अोर से कोर्ट को सौपी गई नीति पर आधारित होगा। इससे राजनीतिक विज्ञापनों पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर पेशे से वकील सागर सुर्यवंशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया कि मतदान के 48 घंटे पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने के उद्देश्य को प्रभावित करते हैं। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटील व न्यायमूर्ति एनएम जामदार की खंडपीठ के सामने याचिका पर सुनवाई के दौरान आयोग के वकील ने खंडपीठ के सामने कहा कि आयोग ने सोशल मीडिया के विज्ञापनों का संज्ञान लिया है। वह जल्द ही विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए नियमावली तैयार कर जरुरी निर्देश जारी करेगा। इस पर खंडपीठ ने कहा कि आयोग निर्देश जारी करने संबंधी अपने आश्वासन की बावत अदालत में हलफनामा दायर करे। खंडपीठ ने फिलहाल मामले की सुनवाई 18 मार्च 2019 तक के लिए स्थगित कर दी। 

अवैध निर्माण रोकने नागपुर की एमआरएसएसी मुंबई मनपा की करेगी मदद

राज्य सरकार ने बांबे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण पर सेटेलाइट इमेजिंग के जरिए नजर रखने के लिए नागपुर स्थित महाराष्ट्र स्टेट रिमोर्ट सेंसिग एप्लिकेशन सेंटर (एमएसआरसी) मुंबई महानगरपालिका को जरुरी सहयोग प्रदान करेगा। राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने बांबे हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। अदालत के निर्देश के तहत नागपुर रिमोट सेंसिग सेंटर के निदेशक भी कोर्ट में मौजूद थे। महाधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल सेटेलाइट इमेजिंग व्यवस्था को प्रयोग के तौर पर महानगर के वडाला इलाके में लागू किया जाएगा। कुंभकोणी ने मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटील की खंडपीठ के सामने कहा कि नागपुर का रिमोट सेंसिग सेंटर मुंबई मनपा को सेटेलाइट इमेजिंग के लिए जरुरी तकनीक प्रदान करेगा। इस संबंध में सेंटर के निदेशक की मुंबई मनपा के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ चर्चा हुई है। सेटेलाइट इमेजिंग के लिए एक क्षेत्रफल भी तय किया गया है। इस दौरान मुंबई मनपा के वकील ने कहा कि वे इस तकनीक के सहारे अतिक्रमण व अवैध निर्माण पर रोक लगाने की कोशिक करेंगे। इस पर खंडपीठ ने कहा कि तकनीक मनपा को सूचना देगी पर उस पर कार्रवाई मनपा को करनी होगी। गुलाब-पुष्पा को-आपरेटिव हाउसिंग सोसायटी ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इस बीच आरटीओ के लिए ट्रैक निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने की आपत्ति को लेकर दायर एक अन्य याचिका पर खंडपीठ ने  कहा कि मुंबई मनपा व राज्य सरकार शहर को हरा भरा रखें। 
 

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