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ईवीएम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लापरवाही की एसआईटी जांच हो-कांग्रेस

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 05th, 2018 14:14 IST

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ईवीएम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लापरवाही की एसआईटी जांच हो-कांग्रेस

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। विधानसभा चुनाव में ईवीएम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लापरवाही की एसआईटी जांच कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में ईवीएम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने और सागर, भोपाल, सतना, शाजापुर में रिजर्व ईवीएम की फॉरेसिंक जांच कराने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई 6 दिसंबर को नियत की गई है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव नरेश सराफ की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सागर के खुरई में मतदान समाप्ति के 48 घंटे बाद ईवीएम मशीन स्ट्रांग रूम में पहुंची। सतना के स्ट्रांग रूम के पिछले दरवाजे से दो संदिग्ग्ध लोग अंदर घुसते हुए सीसीटीवी में देखे गए है। भोपाल में स्ट्रांग रूम के भीतर छेड़छाड़ कर प्रसारण को प्रभावित किया गया, जिसमें लाइव रिकार्डिंग दिखाने की बजाय सेव वीडियो प्रस्तुत किया गया। जिससे स्पष्ट पता चलता है कि स्ट्रांग रूम में कतिपय लोगों द्वारा छेड़छाड़ के दौरान लाइव रिकार्डिंग को रोककर डिस्प्ले में पहले से तैयार किए गए वीडियो का प्रसारण किया गया। याचिका में कहा गया है कि शाजापुर के शुजालपुर विधानसभा में दो अधिकारी ईवीएम लेकर भाजपा नेता के होटल में रूके थे। वहां पर दोनों अधिकारियों ने शराब भी पी थी। खंडवा में तीन ईवीएम और वीवीपैट मशीन मतदान के तीन दिन बाद स्ट्रांग रूम में पहुंची। याचिका में कहा गया कि इन घटनाओं की शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्य चुनाव आयुक्त से की थी। याचिका में इन सभी घटनाओं की एसआईटी जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है। याचिका में रिजर्व केटेगरी में शामिल अनुपयोगी ईवीएम की संख्या और सिरियल नंबर वेबसाइट में अपलोड करने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई 6 दिसंबर को नियत की गई है।

दो दिन में सुनवाई होने की संभावना
मप्र हाईकोर्ट में ईवीएम की मतगणना का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से कराने के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। जनहित याचिका में केन्द्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। याचिका की सुनवाई दो दिन के भीतर होने की संभावना है।  तिलहरी निवासी अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि उन्हें आशंका है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग का दावा है कि किसी भी वायरलैस डिवाइस से ईवीएम को कनेक्ट नहीं किया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ चुना व आयोग ने ईवीएम मैन्यूअल के चेप्टर 19 में कहा है कि एक ईवीएम ट्रेकिंग के लिए मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है, उस सॉफ्टवेयर के जरिए सेंट्रल इलेक्शन ऑफिसर, जिला निर्वाचन अधिकारी और वेयर हाउस इंचार्ज ईवीएम से कनेक्ट हो सकते है। ऐसी स्थिति में ईवीएम की मतगणना शंकास्पद हो जाती है। याचिका में सागर खुरई और खंडवा में ईवीएम विलंब से पहुंचने, सतना में मतगणना केन्द्र में
संदिग्ग्धों के घुसने और भोपाल में मतगणना केन्द्र की बिजली गुल होने का भी हवाला दिया गया है। इसके आधार पर ईवीएम की गणना का मिलान वीवीपैट पर्चियों से कराने का निर्देश जारी करने का अनुरोध हाईकोर्ट से किया गया है।

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