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 वीडियो बनाने से मना करने पर रेलकर्मी की पिटाई

 वीडियो बनाने से मना करने पर रेलकर्मी की पिटाई

डिजिटल डेस्क,सतना। रेलवे यार्ड में काम कर रही महिला कर्मचारियों का वीडियो बनाने से मना करने पर ठेकेदार के कर्मचारियों ने ट्रैक मेंटेनर की बेदम पिटाई कर दी, जिसकी शिकायत पर जीआरपी ने कायमी कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दोपहर को यार्ड की लाइन में सुधार कार्य चल रहा था, जिसमें महिला कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई थी। इसी दौरान यार्ड में पेटी उठाने पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों ने मोबाइल से महिलाओं पर छीटाकसी कर वीडियो रिकार्डिंग शुरू कर दी थी। यह देखकर ट्रैक मेंटेनर आनंद रजक ने विरोध किया तो ठेका श्रमिकों ने गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान एक अन्य रेलकर्मी रामलाल ने बीच-बचाव किया तो उसकी भी पिटाई कर दी। विवाद बढऩे पर सीबीपीएम पीके खरे व सीआर मिश्रा ने हस्तक्षेप कर झगड़ा खत्म कराया। इस घटना की शिकायत शाम को पीडि़त ने जीआरपी चौकी में दर्ज कराई, इसके बाद एक आरोपी महेन्द्र सिंह को पकड़ लिया गया। वहीं 3 अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए। 

यूनियन ने की कार्यवाही की मांग 

रेलकर्मी से मारपीट का मामला सोमवार रात को औचक निरीक्षण पर सतना पहुंचे डीआरएम मनोज सिंह के सामने भी उठाया गया। डब्ल्यूसीआरईयू के पदाधिकारी पुष्पेन्द्र तिवारी और डब्ल्यूसीआरएमएस के प्रतिनिधि मुकेश मिश्रा ने पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग रखी तो सुरक्षा के मुद्दे को लेकर उचित कदम उठाने की बात कही। इससे पूर्व डब्ल्यूसीआरईयू के पदाधिकारियों ने पीडि़त के साथ चौकी प्रभारी से भी चर्चा की थी।

पति व सास पर मुकदमा दर्ज, भेजे गए जेल

रामनगर थाना क्षेत्र की गंगासागर ने नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने उसके पति व सास पर मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेला भेज दिया गया। मैहर एसडीओपी हेमंत शर्मा ने बताया कि 21 वर्षीय निधि सिंह ने 23 जून की दोपहर को घर के कमरे में फांसी लगा ली थी, जिसे फंदे से उतार कर परिजन ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया था। उसकी शादी को 6 माह भी पूरी नहीं हुए थे। इस घटना की खबर लगने पर मृतका के मायके पक्ष ने पति उदयभान सिंह पुत्र तेजभान सिंह 25 वर्ष और सास सरोज सिंह 45 वर्ष पर दहेज के लिए निधि को प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि इनकी वजह से ही वह जान देने पर मजबूर हो गई। 

जांच के बाद कायमी

नवविवाहिता की मौत का मामला जांच के लिए एसडीओपी मैहर के पास पहुंचा, जिन्होंने सभी पक्षों के बयान दर्ज किए तो साक्ष्यों का परीक्षण किया। एक पखवाड़े तक बारीकी से विवेचना में पति व सास के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, लिहाजा आईपीसी की धारा 498ए, 304 बी, 34 एवं 3, 4 दहेज प्रतिशेध अधिनियम के तहत कायमी की गई। साथ ही सोमवार सुबह गंगासागर में दबिश देकर मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को मैहर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एसडीओपी कार्यालय के प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश एवं राजू लिपाने की अहम भूमिका रहे।

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