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शिक्षा विभाग में सक्रिय है रैकेट, शिक्षा मंत्री तावडे ने कबूला

December 22nd, 2017 11:49 IST
शिक्षा विभाग में सक्रिय है रैकेट, शिक्षा मंत्री तावडे ने कबूला

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने खुद  जिला परिषद माध्यमिक शिक्षा विभाग में रैकेट होने की बात कबूली है। शिक्षा विभाग में भर्ती पर रोक के बावजूद नियुक्ति किए जाने का मामला गुरुवार को विधान परिषद में गूंजा। शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने स्वीकार करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में बड़ा रैकेट काम कर रहा है। कुछ अधिकारी खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं। आयुक्त ने इन पर एक्शन भी ली थी। श्री तावडे ने  कहा कि नागपुर से पुणे शिक्षा आयुक्तालय तक चलने वाले पूरे रैकेट की जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इसकी भ्रष्टाचार निर्मूलन विभाग (एसीबी) से भी जांच कराई जाएगी। जो-जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
नहीं हुई कार्रवाई :  ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत नागो गाणार, अनिल सोले व विक्रम काले ने इस मुद्दे को उपस्थित किया था। नागो गाणार ने आरोप लगाया कि शिक्षा  विभाग में पिछले 15 साल से खुलेआम भ्रष्टाचार शुरू हैं। तत्कालीन शिक्षाधिकारी महेश करजगांवकर को इसी सभागृह में निलंबित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन निलंबन की घोषणा के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षा विभाग में 2012 से पदभर्ती बंद होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध नियुक्तियां की गई। इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा  विभाग में सुनील ढोले नामक अधिकारी खुलेआम दलाली का काम करता है। शिक्षा मंत्री इस पर क्या कार्रवाई करेंगे? इस दौरान उन्होंने स्वावलंबी उच्च प्राथमिक शाला और 12 प्राथमिक शालाओं को अनुदान का मुद्दा भी उठाया गया। एक-एक सवाल का सिलसिलेवार जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने कहा कि इस मामले में ऊपर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। गुरुवार को ही इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो एसीबी से जांच कर एफआईआर भी दाखिल की जाएगी। महेश करजगांवकर और सुनील ढोले नामक अधिकारी के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन तावडे ने दिया। 
 

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