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गरीबी की वजह से ढोया था पत्नी का शव, आज जी रहा है आलीशान जिंदगी

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 30th, 2018 15:48 IST

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डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। आज से एक साल पहले ओडिशा के रहने वाले दाना मांझी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसमें दाना मांझी पैसे न होने के चलते अपनी पत्नी का 'शव' कंधे पर लेकर 10 किलोमीटर तक पैदल चला था। दरअसल, गरीबी के कारण वो एंबुलेंस नहीं कर पाया था, जिस वजह से अपनी पत्नी के शव को कंधे पर ले जाने के लिए उसे मजबूर होना पड़ा था। इस घटना ने सरकार के खोखले दावों की पोल खोल दी थी और दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। आज उसी दाना मांझी की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। कभी उसके पास खाने-पीने तक के पैसे नहीं थे, लेकिन आज उसके पास घर, पैसा और गाड़ी भी है। यहां तक उन्होंने अब शादी भी कर ली है और खुशहाल जिंदगी बिता रहे हैं।

हाल ही में खरीदी है नई बाइक

24 अगस्त 2016 की इस घटना के बाद दाना मांझी को सरकार ने मदद की। साथ ही कई आम लोगों ने भी उसकी सहायता के लिए उसे पैसे दिए। हाल ही में दाना को कालाहांडी जिले के भवानीपाटा में मौजूद होंडा बाइक के शोरूम के पास देखा गया। यहां से दाना ने एक नई बाइक खरीदी है। उन्हें बाइक चलाना नहीं आती थी, इसलिए अपने भतीजे को साथ लेकर चले गए। इस बाइक को दाना ने 65 हजार रुपए में खरीदा है।

36 लाख रुपए है अकाउंट में

कभी गरीबी के कारण अपनी पत्नी का शव कंधे पर ढोने के लिए मजबूर हुए दाना मांझी आज लखपति है। बताया जा रहा है कि उनके अकाउंट में 36 लाख रुपए जमा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें रहने के लिए घर भी मिला। इतना ही नहीं, उसकी तीनों बेटियां भुवनेश्वर के एक बड़े स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं। तीनों को सरकार की तरफ से स्कूल में मुफ्त शिक्षा की सुविधा मिली है।

बहरीन के पीएम ने दिए थे 9 लाख

दाना मांझी की इस फोटो के वायरल होने के बाद और मीडिया में खबरें आने के बाद इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। इसके बाद ओडिशा सरकार ने दाना को मदद की। इसके साथ ही दुनियाभर से भी उन्हें कई तरह की मदद दी गई। इसमें बहरीन के पीएम प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा का नाम भी शामिल हैं। प्रिंस खलिफा ने दाना को 9 लाख रुपए का चेक दिया था।

तीसरी शादी कर चुके हैं दाना

पिछले साल दाना अपनी जिस पत्नी के शव को कंधे पर ढोकर गांव ले जा रहे थे, वो उनकी दूसरी पत्नी थी। अब उन्होंने तीसरी शादी भी कर ली है। बताया जा रहा है कि उनकी तीसरी पत्नी अलामता देई प्रेग्नेंट हैं। पिछले साल की घटना ने भले ही दाना की जिंदगी पूरी तरह बदल कर रख दी हो, लेकिन आज भी वो खेती करते हैं। बताया जा रहा है कि अभी दाना बाइक चलाना सीख रहे हैं।

इस घटना ने बदली थी जिंदगी

दरअसल, ओड़िसा के कालाहांडी जिले में रहने वाले दाना को पिछले साल 24 अगस्त को गरीबी के कारण अपनी पत्नी के शव को लेकर 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था। कालाहांडी राज्य के पिछड़े जिलों में आता है। हॉस्पिटल से शव ले जाने के लिए दाना को कोई गाड़ी नहीं मिली थी और एंबुलेंस के लिए भी उसके पास पैसे नहीं थे। मजबूरन उसे अपनी पत्नी के शव को कंधे पर ले जाना पड़ा। दाना के साथ उसकी 12 साल की एक बेटी भी थी, जो बहुत रो रही थी। इसकी फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई। मामला बढ़ा तो सरकार को भी एक्शन लेना पड़ा और कार्रवाई की गई।

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