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दार्जिलिंग : जीजेएम की धमकी, गृह मंत्री की गांधीगीरी

July 27th, 2017 14:58 IST
दार्जिलिंग : जीजेएम की धमकी, गृह मंत्री की गांधीगीरी

टीम डिजिटल, दार्जिलिंग. दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अनिश्चितकालीन बंद से हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहें हैं. हालांकि धमकियों और शांति की अपीलों के बीच आंदोलन अब भी जारी है. आज सातवें दिन जीजेएम कार्यकर्ताओं ने पृथक गोरखालैंड की मांग के लिए शांति मार्च निकाला. इससे पहले जीजेएम चीफ बिमल गुरुंग ने जहां पुलिसवालों को शांति मार्च में दखल ना देने की धमकी दी, वहीं राजनाथ सिंह ने लोगों से शांत रहने की अपील की.

जीजेएम चीफ की धमकी

पुलिस फायरिंग में अपने 3 लोगों के मरने का दावा करने वाले जीजेएम चीफ बिमल गुरुंग ने आज रविवार पुलिसवालों को धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. अगर पुलिस ने हमें रोकने की कोशिश की तो हम मुसीबत पैदा करेंगे.

राजनाथ की अपील

दार्जिलिंग में लगातार सातवें दिन हिंसक झड़पों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज रविवार को आंदोलनकारियों से शांति की अपील की है. गृह मंत्री की यह अपील जीजेएम चीफ विमल गुरुंग के बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि आपसी बातचीत से सभी मुद्दे का समाधान हो सकता है.

हिंसक झड़पें

अब तक सुरक्षा बलों और आंदोलनकारियों के बीच झड़पों में यहां 36 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. वहीं GJM ने दावा किया है कि पुलिस फायरिंग में उनके 3 समर्थकों की मौत हुई है. हिंसा को देखते हुए स्कूल, कॉलेज और बोर्डिंग स्कूल बंद कर दिए गए हैं. हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एडीजी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने इससे इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की है. मोर्चा समर्थकों ने ही गोली चलाई है, जिसमें एक की मौत हुई है.

ममता की बयानबाजी

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग बंद के पीछे जीजेएम पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है. इसके साथ ही बंगाल सीएम ने कहा कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के संबंध पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों से हैं. सीएम ने बताया कि इलाके में शांति स्थापित करने के लिए पैनल का गठन किया गया है.

पर्यटकों की आफत

जीजेएम के अनिश्चितकालीन बंद की सबसे बड़ी मार पर्यटकों पर पड़ी है. शहर के होटलों में रुके पर्यटकों से मालिकों ने होटल खाली करने के लिए कह दिया है. बता दें कि जीजेएम कार्यकर्ताओं ने भी पर्यटकों को कुछ दिन दार्जिलिंग ना आने की हिदायत दी थी. आंदोलनकारियों ने दार्जिलिंग घूमने आए पर्यटकों से भी जल्द से जल्द शहर छोड़ने का कहा था.

केन्द्र से हस्तक्षेप की मांग

दार्जिलिंग में दोबारा भड़की हिंसा के बाद जीजेएम नेताओं ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. उन्होंने गोरखालैंड आंदोलन के बारे में गृहमंत्री को बताया और इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की. गुरुवार की देर शाम नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद जीजेएम नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई अनिवार्य कर हमें विरोध करने पर मजबूर किया है.

जीजेएम चीफ के दफ्तर पर छापा

जीजेएम चीफ बिमल गुरुंग के दफ्तर पर शुक्रवार को रेड डाली गई थी. इस रेड में हथियार, तीर और कैश बरामद किए गए थे. इसमें नाइट विजन दूरबीन और एक रेडियो सेट भी पाए गए थे. जीजेएम नेता बिनय तमांग ने इस छापे का विरोध करते हुए कहा कि हम आदिवासी हैं और अपनी परंपरागत तीरंदाजी प्रतियोगिता को आयोजित करते हैं. वह हमारे परंपरागत सामानों को हथियारों के रूप में दिखा रहे हैं. इस रेड के बाद आंदोलन और हिंसक हो गया.

क्यों भड़का गोरखालैंड आंदोलन

पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में 11वीं तक बंगाली पढ़ाए जाने को अनिवार्य किए जाने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दार्जिलिंग दौरे के खिलाफ जेएमएम पूरे पहाड़ी इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. जेएमएम की मांग है कि दार्जिलिंग में पढ़ाई नेपाली भाषा में ही हो या जरूरत हो तो हिंदी पढ़ाया जाए. साथ ही आंदोलनकारी अलग गोरखालैंड राज्य की भी मांग कर रहे हैं.

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