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'जाने भी दो यारों' के अवॉर्ड लौटाने वाले डायरेक्टर का निधन

BhaskarHindi.com | Last Modified - October 07th, 2017 20:34 IST

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'जाने भी दो यारों' के अवॉर्ड लौटाने वाले डायरेक्टर का निधन

डिजिटल डेस्क,भोपाल। हिंदी सिनेमा की मशहूर कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' के डायरेक्टर कुंदन शाह अब इस दुनिया में नहीं रहे। शनिवार को हार्टअटैक से उनका निधन हो गया। शाह ने मुंबई स्थित बांद्रा इलाके में अपने घर पर अंतिम सांस ली। कुंदन शाह 69 साल के थे। उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में और लोकप्रिय टीवी शो बनाए। 


फिल्म जाने भी दो यारों को उसकी कॉमेडी और फिल्म के क्लाइमेक्स को हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन अंत में शामिल किया जाता है। उनके निधन के बाद से बॉलीवुड सितारे उन्हें सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट से पढ़कर निकले कुंदन ने जान भी दी यारों के अलावा क्या कहना, दिल है तुम्हारा जैसी फिल्में बनाईं। इसके साथ-साथ नुक्कड़ और वागले की दुनिया जैसे क्लासिक धारावाहिक भी डायरेक्ट किए।

कुंदन शाह की फिल्म 'जाने भी दो यारों' के अलावा शायद ही कोई और फिल्म होगी जिसकी चर्चा होती होगी। ये कुंदन के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। उन्हें और किसी फिल्म के लिए उतना याद नहीं किया जाता। इसका कारण ये भी रहा कि वो खुद इस तरह की कोई दूसरी फिल्म दे नहीं पाए। ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह, सतीश शाह, सतीश कौशिक और रवि वासवानी जैसे मंजे हुए कलाकारों से सजी इस फिल्म की लेखकीय टीम का हिस्सा विधु विनोद चोपड़ा और सतीश शाह भी थे।

समाज में फैले भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करने वाली डार्क कॉमेडी का क्लाइमेक्स खासा लोकप्रिय है। महाभारत के किरदारों को लेकर बुनी गई सिचुएशन को हिंदी सिनेमा के चुनिंदा बेहतरीन अंत में से एक गिना जाता है।कुंदन शाह समेत जाने भी दो यारों की टीम कई बार दोहरा चुकी है कि समाज में बढ़ती हुई धार्मिक कट्टरता के चलते अब इस तरह की फिल्म दोबारा शायद संभव नहीं है।

पहली ही फिल्म से बनाई पहचान

कुंदन शाह 1983 की अपनी मोस्ट पॉपुलर फिल्म जाने भी दो यारों और टीवी सीरीज नुक्कड़ से मशहूर हुए। कुंदन शाह ने पुणे FTII से डायरेक्शन का कोर्स किया था। उन्हें कॉमेडी फिल्में और नाटक बनाने में महारत हासिल थी। उन्होंने कॉमेडी फिल्म जाने भी दो यारों से बतौर निर्देशक डेब्यू किया था। उसके बाद कभी हां, कभी ना, क्या कहना, खामोश, हम तो मोहब्बत करेगा, दिल है तुम्हारा जैसी फिल्मों को डायरेक्ट किया। कुंदन शाह को फिल्म कभी हां, कभी ना के लिए बेस्ट मूवी का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।वो बहुचर्चित फिल्म जाने भी दो यारों के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित भी किए गए।
 

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