comScore

 ई टेंडर घोटाला- पंचम नगर योजना की कंपनी पर मामला दर्ज

 ई टेंडर घोटाला- पंचम नगर योजना की कंपनी पर मामला दर्ज

डिजिटल डेस्क, दमोह। तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में हुए ई टेंडर घोटाले में लगातार ही कोई ना कोई मोड़ आ रहे हैं । एक लाख 20 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले 550 से अधिक निविदाएं आर्थिक अपराध शाखा के दायरे में हैं। हालांकि जांच एजेंसी ने 9 निविदाओं के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। शीघ्र ही ओशो आईटी सॉल्यूशन कंपनी द्वारा किए गए समग्र कार्य की जांच की जाएगी। वहीं दूसरी ओर जल संसाधन विभाग द्वारा बुलाए गए टेंडरों की भी जांच की जा रही है। इसमें दमोह जिले की पंचम नगर मध्यम सिंचाई परियोजना में पाइप डालने वाली कंपनी जीबीपीआर लिमिटेड, मैसर्स मैक्स मेंटेना लिमिटेड कंपनी भी शामिल है।
               

जानकारी के अनुसार इस ई टेंडर घोटाले में दमोह जिले के अन्य कार्य भी जांच के घेरे में हैं। ई टेंडर घोटाले की जांच तेजी से चल रही है और ई टेंडर से छेड़छाड़ के मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने भी कार्यवाही की है। दमोह जिले के खड़ेरी केरबना घूघरा कला और उसके आसपास कंपनी की ओर से पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है,लेकिन इस कंपनी को काम से अधिक का भुगतान कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार इस एजेंसी को अधिकारियों ने लगभग 200 करोड़ रुपए का भुगतान किया है जबकि काम अभी पूरी तरह से प्रारंभ में भी नहीं हुआ है। इसके बाद भी भुगतान किया जाना संदेह के घेरे में है ।

पाइप लाइन बिछाने पर 308 करोड़ रूपये  खर्च 
 पंचम नगर मध्यम सिंचाई परियोजना में पाइप लाइन बिछाने पर 308  करोड़ रुपए की राशि का कार्य निविदा मेंनटेना कंपनी को दिया गया है । हैरानी की बात यह है कि कंपनी पहले टेंडर लेने के बाद भाग गई थी लेकिन बाद में वर्ष 2016 में फिर से अनुबंध कर काम प्रारंभ कराया गया था । इस संबंध में इस कंपनी को एक बार ब्लैक लिस्टेड कर देने के बाद दोबारा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने दबाव डालकर कंपनी को अतिरिक्त भुगतान कराया मगर काम की प्रगति को लेकर शासन ने कंपनी से कोई बात नहीं की और हालत यह है कि इसे फिर से काम दे दिया गया और जानकारी के अनुसार इस कंपनी को 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया । 
         

बताया गया है कि जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की इसमें सांठगांठ है जिस कारण से उक्त अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर दबाव  डालकर कंपनी को अतिरिक्त भुगतान कराया । मगर काम की प्रगति को लेकर कोई बात नहीं हुई । आज भी आधे से अधिक हिस्से में पाइप लाइन खुले में पड़ी हुई है ।
         

इस संबंध में पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इन सभी कंपनियों और उनसे जुड़े अधिकारी कर्मचारी राजनेता तथा अन्य के विरुद्ध धारा 120 बी, 420, 468 ,471 आईटी एक्ट 2000 की धारा 66 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 शपथ धारा 13 (2 )के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इनका कहना है 
कुल नो निविदाओं में 3 हजार करोड़ का फर्जीवाड़ा किया गया है जिसमें लोक निर्माण विभाग, जल निगम, जल संसाधन विभाग, मध्य प्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण ,लोक निर्माण विभाग पीआईयू की निविदाएं में छेड़छाड़ की गई है । जिसमें दमोह की पंचम नगर मध्यम सिंचाई परियोजना में पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी मैक्स मेंटेना लिमिटेड भी शामिल है ।
हरिओम दीक्षित निरीक्षक ईओडब्ल्यू भोपाल

कमेंट करें