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बूदौर में मिला आठ फीट लंबा दुर्लभ रेड सैंड बोआ सर्प , लोग कहते हैं दो मुंह वाला 

बूदौर में मिला आठ फीट लंबा दुर्लभ रेड सैंड बोआ सर्प , लोग कहते हैं दो मुंह वाला 

डिजिटल डेस्क छतरपुर । मातगुवां थाना अंतर्गत बूदौर गांव में छतरपुर वीट के अंतर्गत एक रेड सैंड बोआ सांप पेड़ पर चढ़ता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों में दो मुंह वाले सांप से प्रचलित इस सांप को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ लग गई, तभी किसी के द्वारा वन विभाग को सूचना देने पर विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत से सांप को पकड़ा और छतरपुर ले आई। स्थानीय लोगों के अनुसार सांप को कुछ लोग पकड़कर ले जा रहे थे। जो पुलिस को देखकर भाग खड़े हुए। वहीं इस मामले में पुलिस एवं वन विभाग ने इस बात से इंकार किया है। वन विभाग के अनुसार अमूनन ये सांप कम देखने में मिलता है, सांप के पास एक अधजली बोरी जरूर मिली है मगर यह अभी नहीं कह सकते कि कौन इस सांप को ले जा रहा था। 
आठ फीट लंबे सांप का वजन है 9 किलो 
जिस रेड सैंड बोआ सांप को वन विभाग ने रेसक्यू करके पकड़ा है। वह विभाग के अनुसार 8 फीट ंलंबा और 9.1 वजन का है। जिसका हल्का काला रंग है, जो देखने में काफी डरावना है। जिसकी मुंह एवं पूंछ एक जैसी मोटी है, यह सांप विषहीन होता है और काफी शर्मीला होता है। जिसे अभी छतरपुर बीट में विभाग ने सुरक्षा में रखा है। 
ये है सांप की प्रजाति 
रेड सैंड बोआ सांप भारत, ईरान, पाकिस्तान में पाया जाया है। जिसके बारे में अनेक अंधविश्वास है, इसलिए इसकी अलग मान्यता है। इसका मुंह और पूंछ मोटी होती है, इस कारण इसे दो मुंह वाला सांप कहते हैं। खतरा होने पर यह सांप अपनी पूंछ को फन की तरह हिलाने लगता है, इससे पकडऩे वाला भ्रमित हो जाता है। इसलिए लोग इसे दो मुंह वाला सांप मानते है। अंधविश्वास के चलते इसकी तस्करी भी अधिक होती है, विषहीन होने के कारण इसका मांस भी बेचा जाता है, इससे इसकी कीमत लाखों में आंकी जाती है। अंधविश्वास के चलते इस सांप का उपयोग भारत में तंत्र-मंत्र और रोगों में दवाई के रूप में किया जाता है।
 

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