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राजस्थान, तेलंगाना में थमा चुनावी शोर, 7 दिसंबर को वोटिंग

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 05th, 2018 19:21 IST

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राजस्थान, तेलंगाना में थमा चुनावी शोर, 7 दिसंबर को वोटिंग

News Highlights

  • राजस्थान और तेलंगाना में थम गया चुनावी प्रचार
  • प्रचार खत्म होने से पहले राजनीतिक दलों के तमाम नेताओं ने की धुआंधार जनसभाएं
  • राजस्थान की 200 और तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर (शुक्रवार) को डाले जाएंगे वोट


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव प्रचार आज शाम 5 बजे थम गया। प्रचार खत्म होने से पहले राजनीतिक दलों के तमाम नेताओं ने धुआंधार जनसभाएं कीं। राजस्थान की 200 और तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर (शुक्रवार) को वोट डाले जाएंगे। जहां राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है तो वहीं तलंगाना में TRS, कांग्रेस महागठबंधन और बीजेपी के बीच टक्कर है। विधानसभा चुनाव प्रचार में बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और सीएम योगी समेत तमाम नेता इस आखिरी दौर में मतदाताओं को रिझाने की भरपूर कोशिश कर रहे है तो वहीं कांग्रेस की तरफ से राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी समेत अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। इधर, तेलंगाना में टीआरएस के प्रमुख के.चन्द्रशेखर राव दूसरे कार्यकाल की उम्मीद के साथ जोरदार चुनाव प्रचार में जुटे है।

राजस्थान में 200 सीटों पर टक्कर
राजस्थान में सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। राज्य की कुल 200 सीटों में से केवल एक सीट छोड़कर 199 सीट पर वोटिंग होगी।  बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही 200 में से 31 सीटों पर समान जाति के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। राजस्थान चुनावों में जिन सीट पर सभी की नजरें टिकीं हैं, उनमें एक झालरापाटन सीट है। झालावाड़ जिले में आने वाली झालरापाटन सीट पर इस बार टक्कर राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह के बीच में है।

राजस्थान चुनाव के मुद्दे
बीजेपी ने राजस्थान चुनाव में जारी किए अपने घोषणा पत्र में किसान और युवाओं पर फोकस किया है। बीजेपी ने घोषणापत्र को गौरव संकल्प-2018 नाम दिया है। इसमें 50 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 250 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाने का वादा और फसल खरीद प्रक्रिया को और पारदर्शी करने का वादा किया गया है। वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ, युवाओं को लुभाने के लिए 3500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त में सरकारी बस सेवा का वादा किया है। कृषि उपकरणों को जीएसटी के बाहर करने का वादा और घर बनाने के लिए गरीबों को लोन, गोचर भूमि बोर्ड बनाने का वादा भी किया गया है।

तेलंगाना में 119 सीटों पर सीधी लड़ाई
119 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में सीधी लड़ाई दिख रही है। एक तरफ टीआरएस है और दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन, जिसे यहां महाकुटुंबी कहा जाता है। कांग्रेस ने टीडीपी, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और बीकेपी के साथ मिलकर 'प्रजाकुटामी' (पीपुल्स अलायंस) बनाया है।  हैदराबाद और राज्य के दूसरे मुस्लिम इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी एक बड़ा मुस्लिम फैक्टर हैं। हैदराबाद जब आंध्र प्रदेश का हिस्सा था तो इस शहर में ओवैसी का दबदबा माना जाता था। इस बार ओवैसी टीआरएस का समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी यहां अकले चुनाव लड़ रही है। एक बहुजन लेफ्ट फ्रंट भी चुनाव मैदान में है। इस फ्रंट में सीपीएम, बहुजन लेफ्ट पार्टी और कोई आधा दर्जन अन्य इलाकाई दल भी हैं।

तेलंगाना चुनाव के मुद्दे
तेलंगाना चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं, किसानों और युवाओं पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को 58 से बढ़ाकर 60 करने का वादा भी किया गया है। इसके अलावा पेट्रोलियम पदार्थों और मेट्रो के किराए में कमी का भी वादा किया गया है। वहीं कांग्रेस ने अपने 112 पेज के घोषणा पत्र में किसानों को आकर्षित करते हुए पार्टी ने सत्ता में आने पर एक साथ दो लाख रुपये की कर्जमाफी की घोषणा की है। कांग्रेस ने लोकायुक्त के गठन का भी वादा किया है। इसके अलावा सभी मंदिरों, मस्जिदों, चर्च सहित सभी धार्मिक स्थानों पर मुफ्त बिजली देने का भी वादा है। TRS के घोषणापत्र में 24 मुख्य बातें है। सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को बढ़ाकर 61 साल का वादा। गृह निर्माण के लिए दी जानी वाली राशि को 5 से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करना और किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज माफी जैसे वादे है।

11 दिसंबर को आएगा रिजल्ट
बहरहाल 7 दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। EVM और मतदान से संबंधित अन्य जरूरी चीजों के साथ ही फोर्स, वाहन आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं। तेलंगाना में मतदाताओं की कुल संख्या 2.80 करोड़ है। वहीं राजस्थान में कुल मतदाताओं की संख्या 4.76 करोड़ है जो सरकार चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 7 दिसंबर को मतदान के बाद ईवीएम मशीनें स्ट्रांग रूम में कैद हो जाएंगी और 11 दिसंबर को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। 

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