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130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन, जबलपुर-नैनपुर ट्रैक को सीआरएस की हरीझंडी

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 12th, 2019 14:51 IST

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130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन, जबलपुर-नैनपुर ट्रैक को सीआरएस की हरीझंडी

डिजिटल डेस्क,  जबलपुर। 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से इलेक्ट्रिक ट्रेन को शिकारा से नैनपुर तक दौड़ाने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी राम किरपाल
के चेहरे पर काम को लेकर संतुष्टि के भाव उभर आए और खुश होकर उन्होंने कहा कि दो दिन के बाद सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही जबलपुर से नैनपुर ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से गाडिय़ों का संचालन शुरु हो जाएगा। सीआरएस द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जबलपुर से नैनपुर के बीच की दूरियां कम होने की आस जाग गई है, जो रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए लाभदायक साबित होगी।

सुबह 9 बजे शिकारा रवाना, पूजन किया
सीआरएस श्री किरपाल शुक्रवार की सुबह 9 बजे चीफ प्रोजेक्टर डायरेक्टर सुबोध कृष्ण दुबे, डीआरएम नागपुर सीमा बंदोपाध्याय, उप-मुख्य विद्युत अभियंता संजय मनोरिया, एसएसई कृष्णा साहू और हिमांशु के साथ प्लेटफॉर्म नं. 1 से सीआएसएस स्पेशल इलेक्ट्रिक ट्रेन से शिकारा के लिए रवाना हुए। ट्रेन सुबह 10.30 बजे शिकारा पहुंची, जहां नई लाइन के परीक्षण के पहले विधिवत पूजन-अर्चन की गई, जिसमें करीब 40 मिनट का समय लगा। उसके बाद वहां ट्रैक पर खड़े इलेक्ट्रिक इंजन पर सीआरएस अपनी टीम के साथ सवार होकर नैनपुर के लिए रवाना हो गए।

हवा से बातें करने लगा इलेक्ट्रिक इंजन
सीआरएस ने नई रेल लाइन पर हवा की गति की इलेक्ट्रिक इंजन को दौड़ाकर लाइन पर किए गए तकनीकी कार्य को पूरे इत्मिनान से परखा और लाइन के दोनों तरफ के सिस्टम की जांच की। रास्ते भर उनके चेहरे पर बेहतर काम को लेकर संतोष के भाव दिखाई दिए। नैनपुर पहुंचने पर उन्होंने सिस्टम चैक किया।


यार्ड, सब-स्टेशन, ओएचई लाइन का इन्सपेक्शन
नैनपुर में उन्होंने अपने प्रोग्राम में बदलाव किए और यार्ड का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए। उन्होंने सब-स्टेशन, ओएचई लाइन, इन्सुलेटर्स, अर्थिंग, एसएंडटी
बॉंडिंग का बारीकी से इन्सपेक्शन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

वापसी में फुल स्पीड पर दौड़ाया इलेक्ट्रिक इंजन
शाम करीब 4.15 बजे नैनपुर से वापसी के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजन को फुल स्पीड पर दौड़ाया और पूरे रास्ते हर लाइन के दोनों ओर हर छोटी और बड़ी चीज को गौर से देखा और अधिकारियों से उनके बारे में चर्चा की। हवा की रफ्तार से ट्रेन शाम 6.30 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंची, जहां उन्होंने शानदार काम के लिए सभी को बधाई दी। उसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

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