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यूरोप ने गूगल पर लगाया 1.7 अरब डॉलर का फाइन, एडसेंस के गलत इस्तेमाल का आरोप

March 20th, 2019 23:21 IST
यूरोप ने गूगल पर लगाया 1.7 अरब डॉलर का फाइन, एडसेंस के गलत इस्तेमाल का आरोप

हाईलाइट

  • टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल पर यूरोपीय संघ ने 1.49 अरब यूरो (1.7 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है।
  • पिछले दो सालों में गूगल पर यह तीसरा बड़ा जुर्माना है जिसे यूरोपीय संघ ने एंटीट्रस्ट पेनाल्टी के रूप में लगाया है।
  • गूगल ने 2006 से 2016 के बीच अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के विज्ञापनों को वेबसाइटों पर प्रदर्शित होने से रोका था।

डिजिटल डेस्क, ब्रसेल्स। टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल पर यूरोपीय संघ ने 1.49 अरब यूरो (1.7 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। पिछले दो सालों में गूगल पर यह तीसरा बड़ा जुर्माना है जिसे यूरोपीय संघ ने एंटीट्रस्ट पेनाल्टी के रूप में लगाया है। गूगल को यूरोपीय संघ ने प्रतिस्‍पर्धा नियमों के उल्‍लंघन का दोषी पाया गया है। गूगल ने 2006 से 2016 के बीच याहू और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के विज्ञापनों को वेबसाइटों पर प्रदर्शित होने से रोका था।

यूरोपीय संघ की कॉम्पिटिशन कमिश्नर मारग्रेट वेस्टैगर ने कहा कि गूगल ने दूसरी वेबाइट्स के साथ ऐडसेंस कांट्रैक्ट में प्रतिबंधात्मक शर्तें थोपीं थी। इस तरह से गूगल के प्रतिस्पर्धियों को इन साइटों पर अपने विज्ञापन लगाने से रोका गया। बता दें कि ऐडसेंस गूगल का एक उत्पाद है जो विज्ञापनदाताओं और वेबसाइट मालिकों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। इंटरनेट यूजर के सर्च रिजल्ट के अनुसार विज्ञापनदाताओं के विज्ञापन वेबसाइट पर प्रदर्शित होते हैं। इससे वेबसाइट मालिक को रेवेन्यू जनरेट होता है।

वेस्टैगर ने कहा कि गूगल 10 सालों से ऐसा कर रहा था। गूगल को जुलाई 2016 में नियामक ने आपत्तियों का स्टेटमेंट भेजा था जिसके बाद उसने अपनी इस अवैध प्रैक्टिस को रोक दिया। यूरोपीय संघ के नियामकों ने अपने अमेरिकी समकक्षों की तुलना में बिग टेक कंपनियों के लिए अधिक मजबूत दृष्टिकोण अपनाया है, खासकर जब प्रतिस्पर्धा, डेटा संरक्षण और कर मुद्दों की बात आती है।

आयोग ने कंपनी पर जुलाई 2018 में अब तक का सबसे बड़ा 4.3 अरब यूरो का जुर्माना लगाया था। ये जुर्माना गूगल पर नए हैंडसेट में प्लेस्टोर (ऐपस्टोर) तक पहुंचने से पहले गूगल सर्च इंजन को डिफ़ॉल्ट सेट करने और क्रोम ब्राउज़र को प्री-इंस्टॉल करने की ज़रूरत को अनिवार्य बनाने के लिए एंड्रॉयड हैंडसेट और टैबलेट निर्माताओं पर दबाव बनाने को लेकर लगाया था। इससे पहले 'शॉपिंग कॉम्पैरिज़न सर्विस' के मामले में भी गूगल पर 2.4 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था।

2017 से अब तक यूरोपीय यूनियन ने कुल मिलाकर टेक कंपनी पर € 8.2 बिलियन ($ 9.3 बिलियन) का जुर्माना लगाया है। जुर्माने से वसूले गए धन को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को सौंप दिया जाएगा। वेस्टैगर ने कहा कि गूगल को अभी और भी जांचों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उसकी लगातार शिकायतें आ रही है।

गूगल में ग्लोबल अफैयर्स के वाइस प्रेसिडेंट केंट वॉकर ने बुधवार को एक बयान में कहा कि 'हमने आयोग की चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही अपने उत्पादों में व्यापक बदलाव किए हैं। अगले कुछ महीनों में, हम यूरोप में प्रतिद्वंद्वियों को ज्यादा विजिबिलिटी देने के लिए और अपडेट कर रहे हैं। इससे पहले कंपनी ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि वह यूरोपीय कमीशन के "फीडबैक" के आधार पर अपनी सेवा में और बदलाव कर रही है।

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