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भोपाल की जनता दिग्विजय को हराने के लिए बेताब, मैंने 2003 में निभाई अपनी जिम्मेदारी: उमा भारती


हाईलाइट

  • दिग्विजय को भोपाल में कोई भी हरा सकता है-उमा
  • उम्मीदवार तय करने का काम संसदीय समिति का
  • उमा ने कहा, पहले भी चुनाव हारे हैं कई पूर्व मुख्यमंत्री

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भोपाल संसदीय क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। रविवार को उन्होंने कहा कि मेरा योगदान 2003 में ही पूरा हो चुका है और दिग्विजय सिंह को भोपाल से कोई भी चुनाव हरा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री भारती ने कहा कि भोपाल में आलोक संजर, कृष्णा गौर, रामेश्वर शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, आलोक शर्मा, भगवानदास सबनानी, विश्वास सारंग जैसे नेता हैं, जो दिग्विजय सिंह को आसानी से चुनाव हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया बार-बार मुझसे सवाल पूछ रही है कि भोपाल से उम्मीदवार कौन होगा, मैं अपने उत्तर को फिर से दोहराती हूं।

उमा भारती ने कहा कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार मेरे पास नहीं है, संसदीय दल इस पर निर्णय लेगा। पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए उमा ने कहा कि मप्र के पूर्व सीएम कैलाश नाथ काटजू को भाजपा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे ने हराया था, पूर्व मुख्यमंत्री पीसी सेठी को सुमित्रा महाजन ने 1989 में लोकसभा चुनाव हराया था, पूर्व सीएम अर्जुन सिंह होशंगाबाद में सरताज सिंह और सतना में सुखलाल कुशवाहा से चुनाव हारे थे।

उन्होंने कहा कि किसी को भी हराने या जिताने में जनता का रोल होता है, नेताओं को घमंड नहीं करना चाहिए, भोपाल दिग्विजय को हराने के लिए बेताब है। बता दें कि ये सब बातें उमा भारती ने झांसी में अनुराग शर्मा का चुनाव प्रचार करते समय कहीं।

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