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सतना अपहरण मामला: पूर्व सीएम शिवराज बोले मामले की हो CBI जांच

February 25th, 2019 22:09 IST
सतना अपहरण मामला: पूर्व सीएम शिवराज बोले मामले की हो CBI जांच

डिजिटल डेस्क, सतना। जुड़वां मासूम भाइयों को अगवा कर उनकी हत्या की घटना से समूचा प्रदेश सदमे में है। सतना दुख और गुस्से से उबल रहा है। हत्या के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने सतना में मौन जुलूस निकाल कर अपना विरोध प्रकट किया। इस मौन जुलूस में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी शामिल हुए। लगभग 2 किमी तक पैदल चलते हुए शिवराज चौहान ने कलेक्ट्रेट चौराहे पहुंच कर जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के नीचे दोनों दिवंगत मासूमों को श्रद्धांजलि दी। पूर्व सीएम शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में दलगत राजनीति को दूर रखना होगा।

कांग्रेस सरकार को लिया आड़े हाथ
मौन जुलूस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमने मौन जुलूस इसलिए निकाला कि हम दिवंगत बेटे श्रेयांश और प्रियांश को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकें और भगवान से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना कर सकें। हम यहां राजनीति पर बात करने नहीं आए और न करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी 3 मांगे हैं सरकार से। पहली श्रेयांश और प्रियांश के अपहरणकर्ताओं और हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर पुलिस सबूत इकट्ठे करें और ठीक से सारे सबूत अदालत में पेश करें और इनके हत्यारों को फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, सजा दी जाए। दूसरी 12-13 दिन में अपहरणकर्ता पकड़े जाने चाहिए थे और बच्चों को बचाया जाना चाहिए था। इन्वेस्टिगेशन में अपहरणकर्ताओं को बचाने में और बच्चों को बचाने में जांच करके जिनकी लापरवाही है उनको दंडित किया जाए उनको सजा दी जाए। पूर्व सीएम ने मामले की जांच सीबीआई अथवा न्यायिक तरीके से कराने की मांग भी की।

पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक
वहीं मध्यप्रदेश बाल आयोग की सदस्य अंजू मिश्रा चित्रकूट पहुंचीं और पीड़ित के घर पहुंच कर उन्हें ढांढस बंधाया। श्रीमती मिश्रा ने माना कि घटना में पुलिस और प्रशासनिक चूक हुई है। उन्होंने बताया कि आयोग ने केस को रजिस्टर्ड किया। आयोग ने कलेक्टर डॉ. सत्येन्द्र सिंह और एसपी संतोष सिंह गौर से जवाब तलब किया। उन्होंने निर्देश दिया कि जितने भी आरोपी हैं उन्हें कठोर से कठोर सजा होना चाहिए। यह बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन है, इसमें साथ देने वाले सहयोगियों को भी कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। पीड़ित परिवार को भरोसा देते हुए आयोग की सदस्य ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। इस मौके पर जिला बाल सरंक्षण अधिकारी अमर सिंह भी साथ रहे।

केन्द्रीय मंत्री ने दिया न्याय का भरोसा
चित्रकूट स्थित कारोबारी के घर पहुंचीं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर घटना की सही जांच कराकर आरोपियों व लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों को दंड दिलाने के लिए बात करेंगी। भाजपा का झंडा लगी गाड़ी से अपहृत बच्चों को ले जाने व आरोपित व उसके भाई के बजरंग दल में जुड़े होने के सवाल पर कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने पीड़ित परिजनों को कानून की जानकारी व सलाह भी दी।

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