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विकास निधि के खर्च से बनाई सुविधा सभी के लिए है – HC

विकास निधि के खर्च से बनाई सुविधा सभी के लिए है – HC

हाईलाइट

  • आंबेडकर सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस नामक संस्था की ओर से दायर याचिका खारिज की
  • संस्था को मुंबई के उपनगरीय इलाके में देखरेख करने 5 साल के लिए दिया था भूखंड
  • विकास निधि के जरिए बनाई गई व्यामशाला की जमीन के दुरुपयोग का लगाया था आरोप

डिजिटल डेस्क, मुंबई। यदि कोई सुविधा विधायक की क्षेत्र विकास निधि के खर्च से बनाई जाती है तो उसका लाभ सभी को मिलना चाहिए। बांबे हाईकोर्ट ने यह बात कहते हुए आंबेडकर सेंटर फार जस्टिस एंड पीस नामक संस्था की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। संस्था को मुंबई के उपनगरीय इलाके में देखरेख के लिए एक भूखंड 5 साल के लिए प्रदान किया गया था, जिसमें विधानसभा सदस्य कपिल पाटिल की क्षेत्र विकास निधि के जरिए वहां पर एक व्यामशाला बनाई गई थी।

लक्ष्मी-विष्णु को-ऑपरेटिव हाउंसिग सोसायटी ने उपरोक्त संस्था के खिलाफ उपनगरीय जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी। शिकायत में दावा किया गया था कि संस्था जमीन का दुरुपयोग कर रही है, वहां पर गंदगी फैलाई जा रही है। इसके साथ ही वहां के पेड़ों को काटा जा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी ने भूखंड को रखरखाव के लिए स्लम इंप्रूवमेंट बोर्ड को सौंप दिया। 

आंबेडकर सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस नामक संस्था ने कोकण विभागीय आयुक्त के पास अपील की। विभागीय आयुक्त ने कलेक्टर के आदेश को कायम रखा। लिहाजा संस्था ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति आरएम सावंत व न्यायमूर्ति नितिन सांब्रे की खंडपीठ के सामने सुनवाई हुई। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि संस्था को पांच साल के लिए भूखंड रखरखाव के खातिर दिया गया था। यह पांच वर्ष साल 2015 में खत्म हो गए थे।

संस्था को भूखंड पर कोई मालिकाना हक नहीं है। लिहाजा हमें जिलाधिकारी के आदेश में कोई खामी नजर नहीं आती है। इसके अलावा यदि कोई सुविधा विधान सभा सदस्य के क्षेत्र विकास निधि से बनाई जाती है तो यह अपेक्षा होती है कि उसका लाभ सभी को मिले। यह कहते हुए खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।

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