comScore
Dainik Bhaskar Hindi

सूखे से निपटने की कवायद- आकस्मिक कोष से धन जुटाएगी फडणवीस सरकार, इस साल से राज्य में ग्राम स्वराज अभियान योजना

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 12th, 2019 21:06 IST

114
0
0
सूखे से निपटने की कवायद- आकस्मिक कोष से धन जुटाएगी फडणवीस सरकार, इस साल से राज्य में ग्राम स्वराज अभियान योजना

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में सूखा प्रभावित किसानों के फसलों के नुकसान के एवज में तत्काल आर्थिक मदद करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपए आकस्मिकता निधि से उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने आकस्मिकता निधि की 150 करोड़ रुपए की सीमा को बढ़ाकर 2 हजार 150 करोड़ रुपए करने का फैसला किया है। मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि कानूनी रूप से 150 करोड़ रुपए आकस्मिकता निधि से देने की अनुमति होती है। लेकिन प्रदेश में सूखे की परिस्थिति को देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने आकस्मिकता निधि से 2 हजार करोड़ रुपए तक निकालने को मंजूरी दी है। इससे सूखा प्रभावित किसानों के बैंक खाते में 2 हजार करोड़ रुपए 28 फरवरी से पहले जमा कराया जा सकेगा। मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार प्रदेश में साल 2018 के खरीफ फसल सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के कारण 151 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। इन सूखा प्रभावित तहसीलों में फसलों के हुए नुकसान की भरपाई आकस्मिकता निधि से की जाएगी। 

इस साल से राज्य में होगी केंद्र की राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना 2018-19 से पूरे राज्य में लागू करने का फैसला किया है। इसके जरिए जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के लिए केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी राशि उपलब्ध कराएगी। इस अभियान के तहत राज्य में प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर राज्य प्रबंधन कक्ष-पंचायत राज और जिला स्तर पर जिला परियोजना प्रबंधन कक्ष बनाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत के चुने गए सदस्यों, सरपंचों को छह महीने के भीतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ-साथ जिला और तालुका स्तर के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामसेवकों को भी नियमित रुप से प्रशिक्षित किया जाएगा। सहज और गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण के लिए पुणे में यशदा संस्था में राज्य स्तर का राज्य पंचायत संसाधन केंद्र बनाया जाएगा। इसी तरह हर जिले में भी एक जिला पंचायत संसाधन केंद्र तैयार किया जाएगा। इसकी इमारत के लिए दो करोड़ रुपए की निधी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों को सलाह देने के लिए दो तकनीकी विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। पेसा क्षेत्र में शामिल 13 जिलों, 59 तालुका और 2890 ग्रामपंचायतों को निधी उपलब्ध कराई जाएगी। 

रिश्वत लेने के आरोपी अधिकारी का पेंशन होगा वापस 

रिश्वत लेने के मामले मेंजालना के तत्कालीन तहसील भूमि अभिलेख निरीक्षक बाबूराव नानासाहेब आर्दड को हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने पर दोषी ठहराए जाने से लेकर अब तक की उनकी पेंशन वापस लेने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। आर्दड को हाईकोर्ट ने 23 सितंबर 2015 को दिए गए अपने फैसले में दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ये भी देखें

app-download