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बलिदान दिवस आयोजन के लिए की गई करोड़ों की खरीदी में लगा दिये फर्जी बिल

बलिदान दिवस आयोजन के लिए की गई करोड़ों की खरीदी में लगा दिये फर्जी बिल

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। कलेक्ट्रेट स्थित आदिवासी विभाग ने पिछले वर्ष रानी दुर्गावती बलिदान दिवस का आयोजन करने के लिए करोड़ों की खरीदी की, लेकिन उसमें न तो टेंडर की शर्तों का पालन किया गया और न निर्धारित मापदंडों का ध्यान रखा गया। यही नहीं हिसाब के लिए फर्जी बिल व वाउचर लगा दिये गए। इस मामले में जब आर्थिक अपराध ब्यूरो ने आदिवासी विभाग को नोटिस जारी कर जानकारी मंगाई तो विभाग ने कोई  उत्तर नहीं दिया। इस मामले में ब्यूरो को एक बार फिर से नोटिस जारी करना पड़ा है।

नोटिस जारी कर मांगा जवाब

ईओडब्ल्यू की उपनिरीक्षक विशाला तिवारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 24 जून 2018 को रानी दुर्गावती बलिदान दिवस के आयोजन में जो भी खर्चा किया गया उसका हिसाब कूटरचित दस्तावेज में दिया गया। इसकी जांच के लिए जब पत्र जारी किया गया तो विभाग की प्रभारी सहायक संचालक श्रीमती पूजा द्विवेदी  द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। यह भी जानकारी मिली है कि इस खरीदी में टेंडर प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया और बिना टेंडर के ही सामान की खरीदी कर ली गई। नोटिस में कहा गया है कि यदि सामान खरीदी में टेंडर बुलाये गए थे तो उसकी जानकारी दी जाये। इसके अलावा यदि टेंडर नहीं बुलाये गए तो किसके अनुमोदन से खरीदी की गई। इस खरीदी के सभी सत्यापित बिलों की कॉपी भी जांच के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया है।

बैंक मैनेजर बताकर जालसाज ने  एटीएम से निकाले 28 हजार

रांझी थाना क्षेत्र स्थित व्हीएफजे रोड, रामनगर निवासी एक व्यक्ति का एटीएम बंद होने का झांसा देते हुए खुद को एसबीआई बैंक मैनेजर बताते हुए जालसाज ने ओटीपी नंबर पूछा और उसके खाते से 28 हजार रुपए निकाल लिए। एटीएम से पैसे निकाले जाने की शिकायत पर रांझी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।  सूत्रोंं के अनुसार रामनगर निवासी शेखर कुमार, उम्र 39 वर्ष ने शिकायत दर्ज कराई कि दिनांक 12 जून को  उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति  ने फोन कर स्वयं को एसबीआई बैंक, रांझी का मैनेजर बताते हुए कहा कि आपका एटीएम बंद हो गया है, उसे चालू करने के लिए आपके मोबाइल पर ओटीपी नम्बर भेज रहा हूं। उसके झांसे में आकर ओटीपी नंबर बता दिया। उसके बाद कुछ ही देर में उसके खाते से 28 हजार रुपए निकाल लिए गए।  शिकायत पर धारा  420 का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है।

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