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एडिशनल एसपी बोल रहा हूं , और पेट्रोल पम्प संचालक को लगी 60 हजार की चपत

एडिशनल एसपी बोल रहा हूं , और पेट्रोल पम्प संचालक को लगी 60 हजार की चपत

डिजिटल डेस्क, अनूपपुर। यहां एक किसी आईटी जालसाज ने यहां के एक पेट्रोल पम्प संचालक को 60 हजार रूपये का चूना लगा दिया । आश्चर्य की बात यह है कि ठगी का शिकार हुए पीड़ित को यह बात समझने में एक माह लग गया।  इस संबंध में बताया गया है कि 17 जून को  ठग ने प्रधान आरक्षक को मोहरा बनाते हुए पेट्रोल पंप के केयर टेकर से 60 हजार रुपए अपने खाते में जमा करा लिए। एक महीना बीत जाने के बाद जब पेट्रोल पंप के केयर टेकर को रुपए वापस नहीं मिले तब उसने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की शिकायत की।  

प्रधान आरक्षक के मोबाइल पर किया फोन
मैं एडिशनल एसपी बोल रहा हूॅ -17 जून 2019 को राजेन्द्रग्राम थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक भगवान सिंह पाटले के मोबाइल पर फोन आया जहां उससे कहा गया कि पेट्रोल पंप संचालक से उसकी बात कराओ। माइक टू का फरमान समझकर प्रधान आरक्षक बीपीसीएल पेट्रोल पंप के केयर टेकर केदार गुप्ता के पास पहुंचा और उनसे कहा कि आप एडिशनल एसपी से बात कर लें। प्रधान आरक्षक ने अपने मोबाइल से बात कराई तो सामने वाले व्यक्ति ने केयर टेकर का मोबाइल नंबर लेकर बाद में बात करने को कहा। 

फीस जमा कराने मांगे रुपए
इस घटना के कुछ देर बाद ही केदार गुप्ता के मोबाइल पर 9772552491 से फोन आया और उसने कहा कि आपके पेट्रोल पंप  से हमारे विभाग की गाड़ियों में तेल डाला जाता है। मुझे कुछ पैसों की जरूरत है बच्चों की फीस जमा करना है। कार्यालय के खाते से आपको रकम भेजी जा रही है आप यह राशि मेरे एकाउंट में डलवा दें। जिसके बाद केदार गुप्ता के मोबाइल पर एक मैसेज भी आया जो एसबीआई की ऑफिसियल साइड से था। जिसमें 60 हजार रुपए जमा कराया जाना दिख भी रहा था। 

दो खातों में गए 60 हजार

फोन करने वाले व्यक्ति ने केदार गुप्ता को दो एकांउट नंबर 33639614933 एवं 91060225695 दिए। जिसमें 30-30 हजार रुपए डालने की बात भी कही गई। केदार गुप्ता द्वारा दोनों खातों में पैसे डलवा दिए गए। इस दौरान जो मैसेज केदार गुप्ता के मोबाइल पर आया था वह भी फर्जी निकला। जब केदार गुप्ता के द्वारा प्रधान आरक्षक से रुपए वापस दिलाने की बात कही गई तो उसने धोखाधड़ी की संभावना भी व्यक्त की। 

जालसाज ने उठाया फायदा
इस मामले में जालसाज ने पुलिस महकमें के अनुशासन का फायदा उठाया। जिस दौरान यह घटना घटित हुई तब एडिशनल एसपी अनूपपुर अवकाश पर चल रहे थे। वहीं दूसरी तरफ पुलिस कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारी का नाम सुनकर ही अनुशासन का पालन करते हुए कोई पूछताछ भी नहीं करते। इन दोनों बातों का फायदा उठाते हुए जालसाज ने प्रधान आरक्षक को मोहरा बनाकर केदार गुप्ता को 60 हजार की चपत  लगा दी। 

इनका कहना है 
मोबाइल पर रुपयों के लेनदेन या फिर बैंक खातें संबंधी जानकारी किसी को भी नहीं दे। इस मामले में जांच कराई जा रही है दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। श्रीमती किरण लता, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर
 

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