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फसल बीमा योजना का किसान 24 तक ले सकेंगे लाभ, बढ़ी अवधि

फसल बीमा योजना का किसान 24 तक ले सकेंगे लाभ, बढ़ी अवधि

डिजिटल डेस्क, भंडारा। फसल बीमा योजना की अवधि सरकार ने बढ़ाकर 24 जुलाई कर दी है। किसानों से योजना का लाभ लेने का आह्वान किया जा रहा है। किसानों को प्राकृतिक संकट व अन्य कारणों से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में सहभाग होने के लिए अब किसानों को 24 जुलाई तक  का समय मिल गया है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से कृषि अधिकारी व कर्मचारी जिला, तहसील समेत ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को मार्गदर्शन कर योजना का महत्व समझा रहे है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जिले के प्रत्येक  किसान को मिलना चाहिए, इसके लिए कृषि विभाग की ओर से विवध उपक्रम लिये जा रहे हैं। 

योजना में जिले के कर्जधारक व बिना कर्जधारक किसान सहभाग ले सकते है। यह योजना कर्जधारक किसानों के लिए जरूरी होकर बिना कर्जधारक किसानों के लिए ऐच्छिक हैं। जिले में किसानों की फसल का बीमा कराने हेतु एग्रिकल्चर इन्शुरेंस कंपनी मुंबई को चुना गया है। कृषि अधीक्षक हिंदूराव चव्हाण ने किसानों के लिए कृषि सहायक, मंडल अधिकारी से संपर्क कर योजना में आने वाली समस्या दूर करने के निर्देश दिये हैं। कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को इस योजना के बारे में विस्तार से समझाया जाता है।  योजना में फसल बीमा कराने के लिए किसानों को नाममात्र की ही राशि भरनी  पड़ती है। जबकि इस योजना में किसानों की 98  फीसदी राशि प्रशासन की ओर से भरी जाती है। केंद्र शासन की ओर से  शुरू इस योजना में जिले के अधिकांश किसान सहभाग होकर योजना का लाभ उठाने का आह्वान कृषि अधीक्षक हिंदूराव चव्हाण ने किया है।

खेतों में चंदन के पौधे लगाने का आह्वान

धारगांव जिला परिषद क्षेत्र के गांव टेकेपार (माडगी) में अक्षय संदल मार्ट एन्ड मल्टी सर्विसेस की ओर से संशोधित चंदन लगाने का कार्यक्रम चलाया गया। जिसके तहत टेकेपार निवासी किसान ईस्तारी कहालकर के खेत में चंदन के पौधे लगाए गए। पारंपारिक फसल पध्दति से खेती करना नुकसानदायक है। इस लिए समय के साथ फसल पध्दति में बदलाव करने की आवश्यकता होती है। किसानों को चंदन के पौधे लगाने, संगोपन करने, पानी का प्रबंधन करने की जानकारी दी गई।

एक चंदन के वृक्ष से 10 से 12 वर्ष में 30 से 40 किलो शुध्द चंदन मिल सकता है। बाजार में चंदन की कीमत चार हजार रुपए प्रति किलो है। वहीं तेल 75 हजार से एक लाख रुपए प्रति किलो है। इसी तरह चंदन के वृक्ष के पत्ते भी दवाई बनाने के काम आते हैं। प्रति वृक्ष के पीछे एक लाख 20 हजार रुपए आय मिल सकती है। चंदन के वृक्ष लगाकर आय कमाना यह आधुनिक कृषि व्यवसाय है। किसानों से चंदन के पौधे लगाने का आह्वान किया गया। इस समय दामू फेंडर, श्रावण कहालकर, वामन शेंडे, तुकड़ोजी कहालकर, अशोक पटले, संजय वाडीभस्मे उपस्थित थे। किसानों को कृषि सहायक प्रज्ञा गोस्वामी ने मार्गदर्शन किया। 

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