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फिल्म निर्माताओं को जीएसटी से नुकसान हुआ : राजे भोसले

फिल्म निर्माताओं को जीएसटी से नुकसान हुआ : राजे भोसले

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल का अध्यक्ष होने के बाद सरकार को फिल्मों के क्षेत्र के विकास के लिए बहुत सारे प्रस्ताव दिए, उस पर फॉलोअप  भी लिया, लेकिन सांस्कृतिक विभाग और शासन ने महामंडल के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। पहले के समय में फिल्में कम हुआ करती थीं, फिर भी 5 करोड़ का प्रावधान था, जबकि अभी फिल्में ज्यादा हैं, फिर भी उतना ही प्रावधान है। यह बात अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल के अध्यक्ष मेघराज राजे भाेसले ने कही। गांधीबाग स्थित अग्रसेन चौक की दूसरी मंजिल पर पीसी चेम्बर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने वृद्ध कलाकारों के मानधन के संबंध में कहा कि इस पर कई बार चर्चा की गई, लेकिन काेई निर्णय नहीं लिया गया है। नोटबंदी का असर फिल्म के क्षेत्रों में हुआ है। जीएसटी के बाद अनेक फिल्म निर्माताओं को नुकसान हुआ है, फिर भी सरकार इस पर विचार नहीं कर रही है। इस अवसर पर राज कुबेर, विदर्भ समन्वयक रूपाली मोरे, अनिल तुंगार उपस्थित थे। 

लगातार कार्यशाला का आयोजन  

राजे भोसले ने कहा कि राज में 9 जगह चित्रपट महामंडल की शाखा होने के साथ ही हर शाखा में चित्रपट संबंधी वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है। नागपुर में दो दिवसीय कार्यशाला लेने के बाद अमरावती में भी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विभिन्न निर्माता, लेखकों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। महामंडल द्वारा वेबसाइट तैयार की गई है, जिसमें फिल्म और महामंडल संबंधी विभिन्न विषयों की जानकारी उपलब्ध होगी। महामंडल के 45 हजार सदस्य हैं। इसमें स्पॉट बॉय से लेकर फिल्म िनर्माताओं का समावेश है। श्री राजे भोसले ने कहा कि फिल्म के क्षेत्र में नई तकनीक लाने के लिए महामंडल काम कर रहा है। विदर्भ में अनेक पर्यटन स्थल हैं, फिल्म शूटिंग की सामग्री होने से विदर्भ में फिल्मों का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही महामंडल ने जगह की भी मांग की थी। सोचा कि मुख्यमंत्री नागपुर के होने के कारण इस विषय पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अब तक इस पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। इसके साथ ही फिल्म के कलाकारों, तकनीकी टीम का बीमा करवाने के लिए भी महामंडल प्रयत्न कर रहा है। 
 

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