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बैंकिंग घोटाले पर अरुण जेटली और RBI ने तोड़ी चुप्पी

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 06th, 2018 15:21 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऑडिटर्स और मैनेजमेंट की कार्यप्राणाली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बैंकिंग सिस्टम से धोखाधड़ी करने वालों का पीछा करने की बात भी कही है। साथ ही रिज़र्व बैंक ने भी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उसने 2016 में बैंको को तीन बार चेतावनी दी थी। सिस्टम में सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। शीर्ष बैंक ने कहा है कि उसने SWIFT सिस्टम के बारे में भी चेतावनी दी थी।

बता दें कि नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी ने बैंक के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया और विदेश भाग गए। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने असोसिएशन्स ऑफ डिवेलपिंग फाइनेंसिंग इंस्टिट्यूशन इन एशिया ऐंड पसिफ़िक (ADFIAP) के वार्षिक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, 'ऑडिटर्स क्या कर रहे हैं? यदि आंतरिक और बाहरी ऑडिटर्स गड़बड़ी को नहीं पकड़ सके तो सीए प्रफेशनल्स को अपने अंदर झांकने की जरूरत है।' 'जब मैनेजमेंट्स को अधिकार दिया गया है तो आप से उम्मीद की जाती है कि आप अधिकारों का प्रयोग प्रभावी रूप से और सही तरीके से करेंगे। इसलिए मैनेजमेंट के लिए सवाल है कि क्या वे कहीं गलती कर रहे थे, लगता तो यही है।'

जेटली ने कहा, 'जब मैनेजमेंट्स को अधिकार दिया गया है तो आप से उम्मीद की जाती है कि आप अधिकारों का प्रयोग प्रभावी रूप से और सही तरीके से करेंगे। इसलिए मैनेजमेंट के लिए सवाल है कि क्या वे कहीं गलती कर रहे थे, लगता तो यही है।'

उधर, इस बैंकिंग घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल की गई है जिसमें घोटाले की जांच स्पेशन इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से कराने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी को इस पर सुनवाई करेगा। पिटीशनर विनित ढांडा ने मांग की है कि 'पंजाब नेशनल बैंक समेत जितने भी बैंकों में इस तरह का घोटाला हुआ है, उन बैंकों के सीनियर ऑफिशियल्स के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।' विनित के एडवोकेट डॉ. जेपी ढांडा ने कोर्ट से मांग की है कि 'सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को ये आदेश दे कि वो नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज करे। इसके साथ ही बड़े कॉर्पोरेट घरानों या कारोबारियों को 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के बैंक लोन के लिए एक गाइडलाइन बनाए।'

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