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झारखंड लिंचिंग मामले में 4 और आरोपी गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी भी सस्पेंड

झारखंड लिंचिंग मामले में 4 और आरोपी गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी भी सस्पेंड

हाईलाइट

  • तबरेज अंसारी की मौत के मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है
  • इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है
  • इससे पहले रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था

डिजिटल डेस्क, रांची। 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत के मामले में सोमवार को पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है जिन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा था। इससे पहले रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि तबरेज को भीड़ ने पीटा था और "जय श्री राम" बोलने के लिए मजबूर किया था।

सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा, 'खरसावां पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी और एक सहायक उप-निरीक्षक को मामले की गंभीरता को ना समझने के लिए निलंबित कर दिया गया है। हमने इस मामले में पांच ग्रामीणों को भी गिरफ्तार किया है।' अंसारी की मौत के बाद, पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ आईपीसी धारा 302 (हत्या) और 295 A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के उद्देश्य से) के तहत मामला दर्ज किया था।

18 जून को अंसारी को चोरी के आरोप में एक बिजली के खंभे से बांध दिया गया था। उसे "जय श्री राम ... जय हनुमान" का जाप करने के लिए मजबूर किया गया और उसे जोर से पीटा गया। घटना का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें अंसारी भीड़ से मारपीट रोकने के लिए निवेदन करते हुए दिख रहा है। शनिवार की सुबह अंसारी जो चोरी के आरोप में न्यायिक हिरासत में था ने पुलिस को बताया कि उसे तबियत ठीक नहीं लग रही है। बीमार होने की शिकायत के बाद उसे सदर अस्पताल और फिर टाटा मेन हॉस्पिटल जमशेदपुर ले जाया गया, जहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।

सदर अस्पताल के सिविल सर्जन एएन डे ने कहा कि अंसारी की 'दिल का दौरा पड़ने या ब्लॉकेज से मौत हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही सही कारण का पता चल पाएगा। अंसारी के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसकी मृत्यु हो गई क्योंकि उसे चार घंटे तक "निर्दयतापूर्वक पीटा गया" था।

एसपी कार्तिक ने पहले कहा था कि सुबह करीब 6 बजे पुलिस मौके पर पहुंची जहां अंसारी को बांधा गया था। इसके बाद अंसारी को पुलिस चौकी ले जाया गया। कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, उसका बयान सुबह 9.30 बजे दर्ज किया गया था जहां उसने स्वीकार किया कि उसने दो अन्य लोगों के साथ चोरी की वारादात को अंजाम दिया था। इसके बाद, उसे अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने कहा कि अंसारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 457 (रात के समय घर में चोरी), 380 (चोरी), 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना) और अन्य के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अंसारी के चाचा मकसूद आलम ने हालांकि कहा कि उनके भतीजे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आलम ने कहा, 'मान लें कि वह चोरी के लिए पकड़ा गया था, लेकिन उसे बांधकर और घंटों उसकी पिटाई की गई और उसके बाद जय श्री राम का जाप करना हैरान करने वाला है।' उसकी गलती थी कि वह एक मुसलमान था, अन्यथा वह जीवित होता।'

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