comScore

अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाली महिला को 5 साल की सजा

अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाली महिला को 5 साल की सजा

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुकेश दांगी ने एल्गिन अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाली महिला को पांच साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी महिला पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। 

बच्चे को धूप दिखाने के बहाने ले गई बच्चे को 

अभियोजन के अनुसार ओम कला मंदिर घमापुर निवासी राजकुमारी शर्मा ने 25 नवंबर 2015 को सुबह 6.50 बजे एल्गिन अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया। सुबह लगभग 10 बजे एक महिला डिलेवरी रूम में आई और उसने राजकुमारी शर्मा से कहा कि वह बच्चे को धूप दिखाने बाहर ले जा रही है। जब एक घंटे तक महिला वापस नहीं आई तो अस्पताल के गार्ड को सूचना दी गई। गार्ड ने अस्पताल के सभी गेट बंद कर दिए और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। लगभग एक घंटे बाद अस्पताल परिसर से नेहरू नगर निवासी गीता ठाकुर के पास बच्चा बरामद किया गया। सिविल लाइन्स पुलिस ने महिला के खिलाफ धारा 363 का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अपर लोक अभियोजक मनोज साहू ने तर्क दिया कि आरोपी ने बच्चा चोरी करने अपराध किया। इसलिए उसे कठोर सजा दी जाना चाहिए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी महिला को पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

दुष्कर्म पीडि़त नाबालिग को नहीं मिली गर्भपात की इजाजत

हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीडि़त 13 वर्षीय नाबालिग को गर्भपात की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस विशाल धगट की एकल पीठ ने चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका खारिज कर दी है। भोपाल निवासी एक महिला की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था। दुष्कर्म के बाद उसकी बेटी गर्भवती हो गई। वर्तमान में उसे 26 सप्ताह का गर्भ है। याचिका में कहा गया कि उसकी बेटी की मानसिक और शारीरिक हालत ऐसी नहीं है कि वह बच्चे को जन्म दे सके। इसलिए गर्भपात की इजाजत दी जाए। प्रांरभिक सुनवाई के बाद एकल पीठ ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के सीएमओ को निर्देश दिया कि नाबालिग की जांच कर इस आशय की रिपोर्ट पेश करें कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेसी एक्ट की धारा 3 के तहत गर्भपात कराया जा सकता है या नहीं। चिकित्सकों की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा गया कि नाबालिग को 26 सप्ताह का गर्भ है। ऐसी स्स्थिति में गर्भपात नहीं कराया जा सकता है। रिपोर्ट को देखने के बाद एकल पीठ ने नाबालिग को गर्भपात की इजाजत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।

कमेंट करें
g26Pi
कमेंट पढ़े
prem gupta July 11th, 2019 09:36 IST

thank you

prem gupta July 11th, 2019 09:36 IST

nude

prem gupta July 11th, 2019 09:35 IST

summertime

prem gupta July 11th, 2019 09:35 IST

समाचार

prem gupta July 11th, 2019 09:34 IST

samachar