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कब्र में जाने तक आर्टिकल 35A में कोई बदलाव नहीं होने दूंगा : फारुक अब्दुल्ला

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 12th, 2018 10:46 IST

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कब्र में जाने तक आर्टिकल 35A में कोई बदलाव नहीं होने दूंगा : फारुक अब्दुल्ला

News Highlights

  • फारुक अब्दुल्ला ने आर्टिकल 35A में बदलाव को लेकर केन्द्र सरकार पर साधा निशाना।
  • आर्टिकल 35A देता है कश्मीर सरकार को विशेष अधिकार


डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर फारुक अब्दुल्ला ने आर्टिकल 35A को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के सम्बंध में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे कब्र में जाने तक आर्टिकल 35A में कोई बदलाव नहीं होने देंगे। अब्दुल्ला ने कहा, 'हम आर्टिकल 35A में किसी बदलाव को मंजूर नहीं करेंगे। वे (केन्द्र सरकार) बस हमें परेशानियों में डालना चाहते हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे। वे 35A को नहीं बदल सकते। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच पहले भी दो बार यह कह चुकी है। जब तक मैं कब्र में नहीं चले जाता, तब तक मैं इसके खिलाफ लड़ता रहूंगा।'


केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए फारुक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि उनको सिर्फ कश्मीर याद रहता है। हिमाचल, अरुणाचल और नागालैंड के साथ कभी भी छेड़छाड़ नहीं की जाती। फारुक ने कहा, 'मुझे यह समझ नहीं आता कि यह बार-बार क्यों मसले को कुरेदते हैं, जितना यह कुरेदेंगे उतना खून बहेगा।'

गौरतलब है कि एनजीओ 'वी द सिटिजन' ने जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष अधिकार देने वाले आर्टिकल 35-ए की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। NGO की याचिका पर छह अगस्त को सुनवाई भी हुई थी। इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अगस्त को होनी है।

क्या है आर्टिकल 35A
आर्टिकल 35A के जरिये जम्मू-कश्मीर की सरकार को विशेष अधिकार प्राप्त है कि वहां का स्थायी निवासी कैसे तय होगा और अन्य नागरिकों को क्या-क्या अधिकार दिए जाएंगे। यह आर्टिकल राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल में लागू हुआ था। 14 मई 1954 से यह जम्मू-कश्मीर में लागू है। यह आर्टिकल, आर्टिकल 370 का ही एक हिस्सा है। इसकी वजह से कोई भी दूसरे राज्य का नागरिक जम्मू-कश्मीर में न तो संपत्ति खरीद सकता है और न ही वहां का स्थायी नागरिक बनकर रह सकता है।  

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