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रेप केस में चिन्मयानंद गिरफ्तार, सेक्सुअल बातचीत और बॉडी मसाज की बात समेत सभी आरोप कबूले

रेप केस में चिन्मयानंद गिरफ्तार, सेक्सुअल बातचीत और बॉडी मसाज की बात समेत सभी आरोप कबूले

हाईलाइट

  • रेप केस में आरोपी पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिन्मयानंद गिरफ्तार
  • स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने की गिरफ्तारी
  • जिला अस्पताल में होगा मेडीकल टेस्ट, कोर्ट में पेशी

डिजिटल डेस्क, शाहजहांपुर। यौन शोषण के मामले में आरोपी पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिन्मयानंद को SIT (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) की टीम ने शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। बीजेपी नेता चिन्मयानंद को रेप आरोप में अरेस्ट किए जाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। शाहजहांपुर CJM कोर्ट ने चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के प्रमुख नवीन अरोड़ा ने बताया, 'स्वामी चिन्मयानंद ने लगभग हर आरोप को कबूल कर लिया है, जिनमें सेक्सुअल बातचीत और बॉडी मसाज भी शामिल हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है। वह कुछ भी नहीं कहना चाहते, क्योंकि वह अपनी हरकतों पर शर्मिंदा हैं।'

बता दें कि लॉ की एक छात्रा ने चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाया है। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इन आरोपों के सिलसिले में पिछले शुक्रवार को SIT की टीम ने करीब 7 घंटे तक स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की थी। स्वामी चिन्मयानंद से पुलिस लाइन में स्थित एसआईटी के दफ्तर में पूछताछ की गई थी। गिरफ्तारी के बाद स्वामी चिन्मयानंद की वकील पूजा सिंह ने बताया कि उनके मुवक्किल को उनके घर से ही गिरफ्तार किया गया है। 

चिन्मयानंद की गिरफ्तारी पर बोलीं प्रियंका गांधी

चिन्मयानंद की गिरफ्तारी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि ''भाजपा सरकार की चमड़ी इतनी मोटी है कि जब तक पीड़िता को ये न कहना पड़े कि मैं आत्मदाह कर लूँगी, तब तक सरकार कोई एक्शन नहीं लेती। ये जनता, पत्रकारिता की ताकत थी कि SIT को भाजपा नेता चिन्मयानन्द को गिरफ़्तार करना पड़ा। जनता ने सुनिश्चित किया कि बेटी बचाओ केवल नारों में न रहे बल्कि धरातल पर उतरे।''

चिन्मयानंद की गिरफ्तारी न होने पर प्रियंका लगातार सवाल उठा रही थीं।

दिग्विजय बोले, हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले अपराधी के विरुद्ध क़ानून का डंडा चला

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने चिन्मयानंद की गिरफ्तारी पर कहा कि जन दबाव में ही सही, चिन्मयानंद को आख़िर गिरफ़्तार तो किया। देर से ही सही, अपनी हल्ला करने वाली ट्रोल भीड़ की फ़र्ज़ी दहाड़ को नहीं सुना और हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले अपराधी के विरुद्ध क़ानून का डंडा चलाया। रामराज्य आदर्श हो, तो राम का नाम बदनाम करने वालों के साथ नहीं होना चाहिए।

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