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अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रही, पांच तिमाहियों में सबसे कम

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 02nd, 2019 16:46 IST

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अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रही, पांच तिमाहियों में सबसे कम

News Highlights

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 6.9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी रही
  • 2018-19 के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान
  • रिजर्व बैंक ने इस साल के लिए 7.4% ग्रोथ का अनुमान जताया था


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्ट्रबर- दिसंबर) में धीमी पड़कर 6.6 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा पिछली पांच तिमाहियों में सबसे कम है। आंकड़ों के अनुसार कृषि, खनन और विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से वृद्धि दर की रफ्तार कम हुई है। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। अक्टूबर-दिसंबर 2018 में ग्रोथ कम रहने का प्रमुख कारण घरेलू और निर्यात मांग में कमी है। कंज्यूमर खर्च जीडीपी का लगभग 57% है। इसकी ग्रोथ घटकर 8.4% रह गई, जो एक तिमाही पहले 9.9% थी। रिजर्व बैंक ने इस साल के लिए 7.4% ग्रोथ का अनुमान जताया था।

वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही की जीडीपी संशोधित करके 8.2 से घटा कर 8 फीसदी कर दी गई है। वहीं वित्त वर्ष 2019 का जीडीपी अनुमान 7.2 फीसदी से घटा कर 7 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 6.9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी रही है, जो वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 8.6 फीसदी रही थी। तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में गैस और वाटर सेक्टर की ग्रोथ 8.7 फीसदी से घटकर 8.2 फीसदी रही है जो वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 7.5 फीसदी रही थी।

ग्रोथ घटी
तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 6.9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी रही है जो वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 8.6 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में जीवीए 6.3 फीसदी रहा है जिसके 6.6 फीसदी रहने का अनुमान था। तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में गैस और वाटर सेक्टर की ग्रोथ 8.7 फीसदी से घटकर 8.2 फीसदी रही है जो वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 7.5 फीसदी रही थी।

अनुमान
इससे पहले एक साल पहले (वित्त वर्ष 2017-18) की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही थी। संशोधन से पहले आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा 7 प्रतिशत पर था। सीएसओ ने इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के पहली और दूसरी तिमाही के वृद्धि आंकड़े भी संशोधित कर क्रमश: सात प्रतिशत से बढ़ाकर आठ प्रतिशत और 7.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.2 प्रतिशत कर दिए। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के बयान के मुताबिक स्थिर मूल्य पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत रही। बयान के मुताबिक 2018-19 के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि वित्त वर्ष 2017-18 में 7.2 प्रतिशत रही।

बता दें कि इस माह की शुरुआत में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने इस पूरे साल की जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ‘2018-19 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में वर्ष 2011-12 की स्थिर कीमतों के आधार पर देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 35 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2017-18 की इसी तिमाही में यह 32.85 लाख करोड़ रुपए थी। इस प्रकार तीसरी तिमाही के दौरान आर्थिक वृद्धि 6.6 प्रतिशत रही।  
 

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