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चंदे से 250 लड़कियों को बंटे सैनिटरी पैड, 13 साल की लड़की ने जानिए कैसे बढ़ाए मदद के हाथ

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 03rd, 2018 12:22 IST

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चंदे से 250 लड़कियों को बंटे सैनिटरी पैड, 13 साल की लड़की ने जानिए कैसे बढ़ाए मदद के हाथ

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दुबई के एक स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की रिवा तुलपुले ने सोशल मीडिया के जरिए रकम इकठ्ठा कर शाहपुर जिले की 250 गरीब आदिवासी बच्चियों को सालभर के लिए मुफ्त सैनेटरी नैपकीन उपलब्ध कराए हैं। रिवा की मुहिम का लोगों समर्थन किया है रिवा के पास इतनी रकम इकठ्ठा हो गई है कि वे जल्द ही 250 और लड़कियों को सालभर के लिए सैनेटरी पैड उपलब्ध कराएंगी। मूलरूप से पुणे के रहने वाले रिवा के पिता राहुल तुलपुले ने बताया कि दुबई में उनका व्यवसाय है। 13 साल पहले ही वे परिवार के साथ वहां बस गए थे। रिवा दुबई में ही पली बढ़ी। लेकिन सामाजिक समस्याओं को लेकर वह हमेशा जागरूक रहती है। इसीलिए जब उसने पैडमैन फिल्म देखी तो ग्रामीण इलाके की लड़कियों को जागरूक करने और उनकी मदद करने की ठान ली। 

वी केयर बाई रिवा तुलपुले’ पर मांगी मदद  
रिवा ने लोगों से मदद के लिए फेसबुक पर ‘वी केयर बाई रिवा तुलपुले’ फेसबुक पेज बनाया है। दीपावली के दौरान होने वाली पार्टियों में भी रिवा ने लोगों से मदद मांगी। लोगों ने भी दिल खोलकर समर्थन दिया। एक बच्ची के लिए सालभर का सैनेटरी नैपकीन देने के लिए 20 दिरहम की मदद ली जाती थी। राहुल ने बताया कि अब तक 500 लड़कियों को मदद देने भर की राशि जमा हो गई है। मदद के लिए और लोग आगे आ रहे हैं। 

फिल्म पैडमैन से मिली प्रेरणा 
रिवा ने बताया कि उन्होंने अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन देखी। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि ग्रामीण इलाकों की लड़कियां किन परेशानियों से जूझतीं हैं। इस बीच भाजपा के विधान परिषद सदस्य निरंजन डावखरे की मुलाकात दुबई में रिवा से हुई। रिवा ने डावखरे से बताया कि वह महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाके की लड़कियों को सैनेटरी पैड बांटना चाहती है। इसके बाद पिछड़े शाहपुर जिले की लड़कियों को मदद देने का फैसला हुआ। यहां के खाडे विद्यालय में लड़कियों को सैनेटरी पैड दिए गए।

ई वेस्ट को लेकर भी चला चुकी हैं मुहिम
यह कोई पहली बार नहीं है जब रिवा ने सामाजिक उत्तर दायित्व को समझते हुए कोई काम किया है। इससे पहले इस छोटी सी उम्र में ही वह दुबई में वह ईवेस्ट मैनेजमेंट को लेकर मुहिम चलाकर 4.5 टन ई कचरा जमा कर उसका वैज्ञानिक पद्धति से निपटान करा चुकी है। दरअसल रिवा को जानकारी मिली कि खराब मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रानिक सामान का अगर सही तरीके से निपटारा नहीं हुआ तो पर्यावरण को खतरा हो सकता है। इसके बाद उसने जागरूकता मुहिम चलाई।  
 

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