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J&K में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन, भेजे जाएंगे 2000 से ज्यादा निमंत्रण

J&K में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन, भेजे जाएंगे 2000 से ज्यादा निमंत्रण

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर प्रशासन तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को होस्ट करेगा
  • ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 12-14 अक्टूबर तक आयोजित होगी
  • समिट के लिए 2000 से ज्यादा निवेशकों को निमंत्रण भेजा जाएगा

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन 12 अक्टूबर से होने जा रहे तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को होस्ट करेगा। आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद J&K में पहली बार इस तरह की समिट का आयोजन हो रहा है। समिट का मकसद क्षेत्र में रोजगार पैदा करने और विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देना है।

जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग) एनके चौधरी ने कहा कि 12-14 अक्टूबर तक चलने वाली समिट की ओपनिंग सेरेमनी श्रीनगर में होगी जबकि समापन जम्मू में किया जाएगा। समिट के लिए 2000 से ज्यादा निवेशकों को निमंत्रण भेजा जाएगा। सीआईआई जैसी संस्थाओं के साथ समिट को सफल बनाने के लिए पार्टनरशिप की गई है।

चौधरी ने कहा 'आम तौर पर इस तरह की समिट की तैयारी में 6-8 महीनों का समय लगता है, लेकिन J&K के पास इतना समय नहीं है।' हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि दिन-रात मेहनत करके बेहद कम समय में इस कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा।

समिट को सफल बनाने के लिए देश के भीतर अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, बैंगलोर और चेन्नई में रोड शो होगा। इसके अलावा, विदेश में दुबई, अबू धाबी, लंदन, नीदरलैंड, सिंगापुर और मलेशिया में भी रोड शो का आयोजन किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि रोड शो के जरिए संभावित निवेशकों को उपलब्ध अवसरों के साथ-साथ सरकार की ओर प्रदान किए जाने वाले समर्थन और प्रोत्साहन के बारे में जागरूक करना है।

समिट में मुख्य तौर पर कृषि, हेल्थकेयर, स्किल, मैन्युफैक्चरिंग, टूरिजम जैसे सेक्टर पर फोकस रहेगा। हालांकि चौधरी ने कहा कि जिन सेक्टरों का जिक्र नहीं किया गया है उसका मतलब ये नहीं है कि अन्य सेक्टरों को तवज्जों नहीं दिया जाएगा। इस समिट में लोकल बिजनस और स्टार्ट-अप को भी प्लैटफॉर्म मुहैया कराया जाएगा, ताकि वे दुनिया को अपनी योजनाओं के बारे में बता सकें।

चौधरी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट जम्मू-कश्मीर को अपनी ताकत, रणनीति और क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह बाहरी व्यापार और व्यापारिक समुदाय के मन की आशंकाओं को दूर करने का अवसर भी प्रदान करेगा। 

इससे पहले सोमवार को रिलायंस की एनुअल जनरल मीटिंग में मुकेश अंबानी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए बड़ी योजनाएं लाने की बात कही थी। मुकेश अंबानी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए तत्परता से काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए आप कई बड़ी घोषणाएं देखेंगे।

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