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रेलवे से संबंधित जवाब देने में सरकार दिखी असहज, बापट ने पूछे थे सवाल

रेलवे से संबंधित जवाब देने में सरकार दिखी असहज, बापट ने पूछे थे सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पुणे से भाजपा सांसद भालचंद्र बापट ने बुधवार को लोकसभा में रेलवे से संबंधित पूछे सवाल के जवाब देने में सरकार असहज दिखी। दरअसल, सांसद बापट ने यह जानना चाहा था कि देश में रेलवे के ए, बी, सी, डी श्रेणी में कर्मचारियों की कुल संख्या कितनी है? क्या यह कम है? जवाब में रेल राज्यमंत्री ने उन्हे बताया कि सर यह पार्लियामेंट है। 1952 में संसद में 489 सदस्य थे, आज इनकी संख्या 545 है।130 करोड़ लोगों के लिए वही रेलवे सर्विस दे रही है। कर्मियों की संख्या के बारे में जवाब न मिलने पर सांसद बापट ने रेलवे से संबंधित अन्य सवाल पूछे। उन्होने पूछा कि रेलवे में अस्थायी कर्मचारियों की संख्या कितनी है? उनके बारे में सरकार की भूमिका क्या है? अभी सरकार कितने कर्मचारियों की भर्ती करने वाली है? इसके अलावा रेलवे के डेवलपमेंट तथा अच्छी सर्विस के लिए रेलवे ने कौनसी नई टेक्नॉलजी को प्रारंभ किया है? इन सवालों पर भी सरकार की ओर से उन्हे कोई पुख्ता जवाब नही दिया गया। हालांकि राज्यमंत्री आंगडी ने यह बताया कि रेलवे में पिछले 15 सालों में 4.5 लाख कर्मियों की नियुक्त किया गया है। रहा सवाल नई टेक्नॉलजी अपनाने का तो उसके लिए कौशल विकास मंत्रालय है उसके तहत रेल क र्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यात्रियों को सर्विस देने को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या नही है। 

कोल्हापुर-बीदर रेलगाडी को कोल्हापुर से हैद्राबाद तक किया जाए-सांसद श्रृंगारे

लातुर से पहली बार संसद पहुंचे भाजपा सांसद सुधाकर श्रृंगारे ने बुधवार को लोकसभा में कोल्हापुर-बीदर रेलगाडी को कोल्हापुर से हैद्राबाद तक किए जाने की मांग उठाई। साथ ही इस रेलगाडी के कोल्हापुर पहुंचने के समय में भी बदलाव करने का अनुरोध किया।सांसद श्रृगांरे ने कहा कि मेरा लातुर संसदीय क्षेत्र मराठवाडा क्षेत्र में आता है। यहां सूखे की भयावह स्थिति होने के कारण यहां की कृषि काफी प्रभावित हुई है और रोजगार के पर्याप्त साधन नही होने के कारण स्थिति बड़ी बिकट होती जा रही है। उन्होने कहा कि रेल मंत्रालय ने यहां की जनता की सुविधा के लिए तथा आर्थिक तथा व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश से कोल्हापुर से बीदर रेलगाडी शुरु की थी। यह गाडी सप्ताह में केवल एक दिन ही चलती है। इस गाड़ी की टाइमिंग आम लोगों के लिए खासकर महिलाओं के लिए सुविधाजनक नही है। लिहाजा रेल मंत्री से मांग है कि इस गाडी को कोल्हापुर से हैद्राबाद तक किया जाए। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। साथ ही रेलवे को राजस्व भी अच्छा मिलेगा। 

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